गहत की दाल के फायदे उपयोग और नुकसान

Sandeep
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हमारे पूर्वज अपने अनुभवों से जीवन के हर पहलू को समझ गए थे, भोजन भी इनमें से एक है, उन्होंने शरीर की जरूरतों के लिए पर्याप्त ऊर्जा और पोषण के साथ-साथ भोजन में मौसम का भी विशेष ध्यान रखा.

गर्मी के मौसम में तापमान बढ़ जाता है ऐसे में शरीर को ठंडक की जरूरत होती है, इसलिए इस मौसम में तय किया गया भोजन ठंडी तासीर वाला होता है, यह भोजन पौष्टिक होने के साथ-साथ सुपाच्य भी होता है और मन को शीतलता पहुंचाता है.

ठंड के मौसम में तापमान कम हो जाता है ऐसे में शरीर को गर्मी की जरूरत होती है, इसलिए इस मौसम में तय किया गया भोजन गर्म तासीर वाला होता है, यह भोजन पर्याप्त कैलोरी और पोषण प्रदान करता है और शरीर को गर्माहट पहुंचाता है.

गहत की दाल भी एक ऐसा भोजन है जो सर्दियों के मौसम में विभिन्न व्यंजनों में उपयोग किया जाता है, यह दाल गर्म तासीर वाली होती है, गहत की दाल का सेवन सर्दियों में शरीर को गर्माहट प्रदान करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता हैै.

Gahat ki daal ke fayde upyog aur nuksan
Gahat ki daal ke fayde upyog aur nuksan

गहत दाल एक विश्वव्यापी फसल है जो नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका, म्यांमार, चीन, थाईलैंड, वियतनाम और भारत के उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में उगाई जाती है.

गहत की दाल की खेती खरीफ की फसल के रूप में की जाती है, यह एक दलहन फसल है और इसका पौधा लगभग 1 मीटर ऊँचा होता है, गहत की दाल के बीज का आकार लगभग 1 सेंटीमीटर तक होता है.

गहत का वानस्पतिक नाम मैक्रोटिलोमा यूनिफ्लोरम है, भारत में इसके लोकप्रिय नाम गहत, गौथ, कुल्थी, कुलथी, हुरली मद्रास ग्राम और हॉर्स ग्राम हैं. भारत के विभिन्न क्षेत्रों में गहत से दाल, खिचड़ी, रसम, सांभर आदि बनाए जाते हैं.

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गहत की दाल के मुख्य प्रकार

काली गहत - यह गहत का सबसे आम प्रकार है, यह गहरे रंग की दाल होती है जो स्वाद में थोड़ी सी कड़वी होती है.

भूरी गहत - यह हल्के रंग की दाल है जिसका स्वाद मीठा होता है, यह काली गहत की तुलना में पचाने में आसान होती है.

इसके अलावा कुछ विशेष प्रकार की गहत की दालें भी होती हैं जो रंग में लाल या सफेद रंग की होती हैं, जिनका उपयोग विभिन्न प्रकार के व्यंजनों में किया जाता है.

गहत की दाल के फायदे (Benefits Of Gahat Dal in Hindi)

गहत एक पौष्टिक दाल है जिसमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम, पोटेशियम, जिंक और अन्य महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं, इन पोषक तत्वों के कारण गहत के कई स्वास्थ्य लाभ है, जो इस प्रकार है. 

मांसपेशियों के निर्माण में

गहत में प्रोटीन की मात्रा अत्यधिक होती है, प्रोटीन मांसपेशियों के निर्माण और मरम्मत के लिए आवश्यक होता है, इसलिए गहत का सेवन उन लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है जो मांसपेशियों का निर्माण करना चाहते हैं, जैसे कि एथलीट और वर्कआउट करने वाले लोग.


पाचन के लिए

गहत में फाइबर की मात्रा अन्य दालों की तुलना में अधिक होती है, फाइबर पाचन को बेहतर बनाता है और कब्ज से राहत दिलाता है, इसलिए गहत का सेवन उन लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है जो पाचन संबंधी समस्याओं से पीड़ित हैं.


एनीमिया को रोकने में 

अन्य दालों की तुलना में गहत में आयरन की मात्रा ज्यादा होती है, आयरन रक्त में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाता है, जो ऑक्सीजन को शरीर के सभी हिस्सों तक ले जाने के लिए सहायक है, जो एनीमिया से पीड़ित हैं उनके लिए गहत का सेवन विशेष रूप से फायदेमंद है.


रक्तचाप को नियंत्रित करने में

गहत में पोटैशियम की मात्रा बहुत अधिक होती है, पोटैशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करता है, हाई ब्लड प्रेशर की समस्या में गहत का सेवन बहुत फायदेमंद होता है.


कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में 

गहत में फाइबर की मात्रा होती है, फाइबर कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है, इसलिए जो लोग हृदय रोग के खतरे को कम करना चाहते हैं उनके लिए गहत का सेवन फायदेमंद होता है.


वजन घटाने में मदद करता है

गहत में फाइबर की मात्रा होती है, फाइबर पाचन को बेहतर बनाता है और कब्ज से राहत दिलाता है. यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने और वजन घटाने में भी मदद कर सकता है.


मस्तिष्क स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है

गहत में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट मस्तिष्क को नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं, एक अध्ययन में पाया गया कि गहत का सेवन करने वाले लोगों में याददाश्त और सीखने की क्षमता में सुधार होता है.


कैंसर के खतरे को कम करने में मददगार

गहत में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और फाइटोकेमिकल्स कैंसर के खतरे को कम करने में मदद कर सकते हैं, एक अध्ययन में पाया गया कि जो लोग गहत का सेवन करते हैं उनमें स्तन कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर और कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा कम हो जाता है.


ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम को कम करने में

गहत में मौजूद कैल्शियम और मैग्नीशियम हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं, ये पोषक तत्व ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं.


इम्यूनिटी को बढ़ावा देने में

गहत में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और फाइटोकेमिकल्स शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद करते हैं, इन पोषक तत्वों के सेवन से शरीर संक्रमण से लड़ने में सक्षम होता है.


सूजन को कम करता है

गहत में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं, सूजन एक ऐसी प्रक्रिया है जो शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है, गहत का सेवन करने से सूजन को कम करने में मदद मिलती है और इससे कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम किया जा सकता है.


बालों के विकास को बढ़ावा देता है

गहत एक पौष्टिक दाल है जो बालों के विकास को बढ़ावा देने में मदद करती है, इसमें जिंक और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व होते हैं जो बालों के विकास के लिए आवश्यक हैं, जिंक बालों के विकास के लिए आवश्यक एंजाइमों का उत्पादन करने में मदद करता है, जबकि प्रोटीन बालों के विकास के लिए आवश्यक कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है.


पथरी के लिए गहत (Gahat Dal For Kidney Stone)

गहत पथरी के लिए एक प्रभावी घरेलू उपचार है, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और फाइटोकेमिकल्स शरीर में कैल्शियम के अवशोषण को कम करने में मदद करते हैं, जिससे पथरी के गठन का जोखिम कम हो जाता है. इसके अलावा गहत में मौजूद फाइबर मूत्राशय से पथरी को बाहर निकालने में मदद करता है, गहत की दाल को नियमित रूप से खाने से पथरी के गठन को रोकने या मौजूदा पथरी को छोटा करने में मदद मिल सकती है.

कुल मिलाकर, गहत एक पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक भोजन है जो कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है, इसे आहार में जोड़ना एक बढ़िया विकल्प है.

गहत की दाल का उपयोग कैसे करें (How To Use Gahat Dal)

गहत एक पौष्टिक दाल है जिसका सेवन कई प्रकार से किया जा सकता है, गहत के सेवन के कुछ सामान्य तरीके नीचे दिए गए हैं, इन्हें अपनाकर आप इसका आनंद ले सकते हैं.

दाल - गहत दाल बनाने के लिए सबसे पहले आपको इसे धोकर रात भर के लिए भिगो देना है, सुबह किसी भी दाल की तरह प्याज लहसुन में तड़का लगाकर नमक, मिर्च, हल्दी, गरम मसाला और हरा धनियां डालकर गहत को अच्छी तरह से उबाल लें. जब यह अच्छी तरह से गल जाए तो इसमें घी के साथ जंबू का छौंका लगाकर हरे धनिए से सजाएं और गर्मा-गरम भात या रोटी के साथ इसका आनंद लें.

खिचड़ी - गहत की खिचड़ी एक स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन है जो भारत के कई हिस्सों में लोकप्रिय है, इसे बनाने के लिए सबसे पहले गहत की दाल को रात भर भिगो दें, सुबह भीगी हुई गहत में अन्य खिचड़ी की तरह चावल, हल्दी, धनिया, लाल मिर्च, जीरा पाउडर और नमक डालकर धीमी आंच पर पकाएं. जब खिचड़ी अच्छे से तैयार हो जाए तो इसे हरे धनिये से सजाकर परोसें.

अंकुरित गहत - अंकुरित गहत भी खाया जा सकता है, अंकुरित गहत पोषक तत्वों से भरपूर होता है और आसानी से पच जाता है, गहत को अंकुरित करने के लिए गहत को रात भर पानी में भिगो दें और फिर आठ से दस घंटे बाद इसे पानी से धोते रहें, इस तरह 3 से 4 दिन में बीज अंकुरित हो जायेंगे, अंकुरित गहत को सलाद में मिलाकर खाया जा सकता है. गहत सलाद बनाने के लिए अंकुरित गहत, कटी हुई सब्जियां, दही, नींबू का रस, नमक और काली मिर्च पाउडर को एक साथ मिलाएं.

इसके अलावा इस पौष्टिक और स्वादिष्ट दाल का उपयोग डुबके/फाणू, चटनी और भरवां आदि में भी किया जा सकता है, यह आपके आहार में विविधता लाता है और आप इससे अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं.

गहत की दाल के संभावित नुकसान (Possible Disadvantages of Gahat)

गहत एक पौष्टिक दाल है जो आमतौर पर सुरक्षित होती है, हालांकि कुछ मामलों में गहत के कुछ नुकसान भी हो सकते हैं.

पेट में ऐंठन - गहत में फाइबर की मात्रा अधिक होती है जो पेट में ऐंठन का कारण बन सकती है, यदि आपके पेट में ऐंठन होती है तो आप गहत की मात्रा कम कर सकते हैं या कोई भी व्यंजन बनाने से पहले इसे कुछ देर के लिए भिगो सकते हैं.

गैस - गहत में फाइबर और रेशे की मात्रा अधिक होती है जो गैस का कारण बन सकती है, यदि आपको गैस की समस्या है तो आप गहत की मात्रा कम कर सकते हैं या इसे पकाने से पहले थोड़ी देर के लिए भिगो सकते हैं.

एलर्जी - कुछ लोगों को गहत से एलर्जी हो सकती है, यदि आपको गहत खाने के बाद खुजली, लालिमा या सूजन जैसी एलर्जी के लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें.

गहत की दाल के बाजार मूल्य

गहत की दाल एक पौष्टिक दाल है जो भारत में काफी लोकप्रिय है, गहत की दाल का मार्केट Price लगभग ₹70 प्रति किलोग्राम है. यह दाल उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में अधिकतर उगाई जाती है.


गहत की दाल की खरीदारी कहां से करें

गहत की दाल को आप किसी भी स्थानीय बाजार या किराना स्टोर से खरीद सकते हैं या आप इसे ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं, गहत की दाल को खरीदते समय ध्यान रखें कि दाल साफ और चमकदार हो, दाल में कोई भी दाग या कीड़े नहीं होने चाहिए, खरीदने के बाद आप इसे सूखी और ठंडी जगह पर स्टोर कर सकते हैं.


निष्कर्ष : Gahat Ki Dal Ke Fayde Upyog Aur Nuksan

गहत की दाल एक बहुमुखी और पौष्टिक खाद्य पदार्थ है जो कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करती है, इसमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन और अन्य महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं, गहत का सेवन करने से शरीर स्वस्थ रहता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और वजन नियंत्रित रहता है. 

उम्मीद है आपको गहत की दाल के फायदे उपयोग और नुकसान से संबंधित यह जानकारी पसंद आई होगी. कृप्या इसे अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर भी शेयर करें

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2 टिप्पणियाँ
  1. गुंजन रत्ता5:54 pm

    हमें भी भेज दो ये दाल 🙂

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  2. हिमानी नैथानी9:35 am

    Gahat (kulthi) Ki dal Baare me achhi jankari di hai aapne 🙏 Thanks

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