जलवायु परिवर्तन क्या है (What is Climate Change in Hindi)

Sandeep
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मानवता आज एक ऐसे दौर से गुजर रही है जहाँ जलवायु परिवर्तन धरती के लिए एक गंभीर संकट बन गया है, तापमान में वृद्धि, मौसम में अस्थिरता, समुद्र के जल स्तर में वृद्धि और प्राकृतिक आपदाओं में वृद्धि - ये जलवायु परिवर्तन के कुछ प्रमुख प्रभाव हैं. 

जलवायु परिवर्तन क्या है

यह लेख जलवायु परिवर्तन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालेगा, जिसमें इसके कारण, प्रभाव और समाधान शामिल हैं.

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जलवायु परिवर्तन क्या है (What is Climate Change in Hindi)

जलवायु किसी स्थान विशेष की दीर्घकालीन मौसम संबंधी स्थितियों का औसत है, जैसे वायुमंडलीय दबाव, आर्द्रता, तापमान आदि.

जलवायु आमतौर पर स्थिर रहती है, लेकिन वर्तमान में स्थानीय और वैश्विक जलवायु में मानवीय एवं प्राकृतिक कारणों से परिवर्तन देखने को मिल रहा है जिसे जलवायु परिवर्तन कहते हैं.

जलवायु में दिखने वाले ये परिवर्तन लंबे समय के परिणाम हैं, जिसका न केवल क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभाव देखने को मिल रहा है, बल्कि पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन से प्रभावित हो रहा है.

जलवायु परिवर्तन के साक्ष्य (What Are The Evidences of Climate Change)

• जलवायु परिवर्तन पर अन्तर-सरकारी पैनल (IPCC) के अनुसार, 20वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में उत्तरी गोलार्द्ध का औसत तापमान विगत 500 वर्षों की तुलना में काफी अधिक था.

• हिमांक मंडल लगातार सिकुड़ रहा है. अंटार्कटिका में बर्फ के पिघलने की दर पिछले एक दशक में तीन गुना हो गई है. विगत शताब्दी में वैश्विक समुद्र स्तर में लगभग 8 इंच की वृद्धि देखी गई है.

• महासागरों का अम्लीकरण भी इसकी पुष्टि करता है. वस्तुतः महासागरों की ऊपरी परत द्वारा अवशोषित CO2 की मात्रा में प्रति वर्ष लगभग 2 बिलियन टन की बढ़ोत्तरी हो रही है.

• भारत का तापमान वर्ष 1900 से वर्तमान तक लगभग 2°C बढ़ चुका है.

जलवायु परिवर्तन के मुख्य कारण (Main Causes of Climate Change in Hindi)

जलवायु परिवर्तन प्राकृतिक और मानवीय दोनों कारणों से होता है, जिसमें प्राकृतिक परिणाम नगण्य होता है. 

प्रमुख परिणाम मानवीय क्रियाकलापों के कारण होते हैं. जिनमें निम्नलिखित मानवीय क्रियाकलापों को देखा जा सकता है -

• मानव द्वारा आवश्यक ऊर्जा का 35% से 40% भाग कोयले से प्राप्त होता है, कोयले को जलाने से उसमें से कार्बन निकलता है.

• इसके साथ साथ मीथेन, नाइट्रस ऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड आदि ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में वृद्धि पृथ्वी के औसत तापमान में वृद्धि के मुख्य कारणों में से एक है.

• भूमि उपयोग में परिवर्तन भी इसके लिए उत्तरदायी है क्योंकि इससे धरातल के अल्बेडो में वृद्धि हुई है.

• इसके अलावा वनों की कटाई, पशुपालन, कृषि में वृद्धि, कृषि में नाइट्रोजनयुक्त उर्वरकों का उपयोग आदि गतिविधियाँ भी जलवायु परिवर्तन के लिए जिम्मेदार हैं.

वस्तुतः जलवायु परिवर्तन का मुख्य कारण भूमंडलीय ऊष्मन है, जिसके लिए मुख्य रूप से ग्रीनहाउस गैसें (GHGs) जिम्मेदार हैं.

जलवायु परिवर्तन के प्रभाव (Effects of Climate Change in Hindi)

1- वर्षा पर प्रभाव

जलवायु परिवर्तन दुनिया के मानसून क्षेत्रों को प्रभावित कर रहा है. अत्यधिक वर्षा के कारण इन क्षेत्रों में बार-बार बाढ़ आने का खतरा रहता है. जो जल स्रोतों को भी प्रभावित करता है.

2- समुद्र जल स्तर में वृद्धि

तापमान में वृद्धि के कारण ध्रुवों और हिमालय पर्वत श्रृंखला पर मौजूद बर्फ बहुत तेजी से पिघल रही है और इसका पानी सीधे समुद्र में आ रहा है. बर्फ के पिघलने से ग्लेशियर बहुत तेजी से पिछे खिसक रहे हैं.

3- कृषि पर प्रभाव

जलवायु परिवर्तन के कारण कई देशों में फसलों की उत्पादकता में कमी आई है, अफ्रीका, पूर्वी देशों और भारत में मानसून वृद्धि के कारण कुछ फसलों की उत्पादकता में वृद्धि हुई है और कई फसलों की उत्पादकता में कमी आई है.

4- जैव विविधता पर प्रभाव

बढ़ते तापमान के कारण अनुकूल क्षेत्र में रहने वाले जीवों पर इसका प्रभाव पड़ रहा है, जलवायु में अचानक परिवर्तन से उनकी मृत्यु हो रही है, परिणाम स्वरूप पारिस्थितिक असंतुलन का खतरा बढ़ रहा है.

5- मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव

जलवायु परिवर्तन का असर मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है, WHO ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि तापमान बढ़ने से सांस और हृदय के सम्बंधित रोगों में बढ़ोतरी हो रही हैं. जलवायु परिवर्तन के कारण विभिन्न प्रजातियों के जीवाणु भी बढ़ेंगे, जिससे बीमारियां बढ़ेंगी.

जलवायु परिवर्तन को कैसे रोका जाए

जिन कारणों से वातावरण में ग्रीन हाउस गैसें बढ़ती हैं, उनके उत्सर्जन को इतना कम किया जाना चाहिए कि विश्व का तापमान बढ़ना बंद हो जाए. इसके साथ ही स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने पर जोर देने की आवश्यकता है.

नई और अधिक उन्नत तकनीकों व ऊर्जा के स्रोतों जैसे हाइड्रोजन ईंधन सेल, सौर ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा, ज्वारीय ऊर्जा, भूतापीय ऊर्जा, पवन ऊर्जा आदि के उपयोग पर ध्यान दिया जाना चाहिए, इन उपायों से वायुमंडल में प्रदूषण का खतरा बहुत कम होता है.

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निष्कर्ष: जलवायु परिवर्तन क्या है

जलवायु परिवर्तन एक गंभीर मुद्दा है और यह हम सबकी ज़िम्मेदारी है, हमें इस मुद्दे पर जागरूकता फैलाने और इसके समाधान के लिए प्रयास करने की आवश्यकता है.

उम्मीद है कि आपको जलवायु परिवर्तन क्या है (What is Climate Change in Hindi) लेख पसंद आया होगा. आपने जलवायु परिवर्तन के बारे में जो जाना उसे अपने परिवार और दोस्तों के साथ भी साझा करें.

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