कीवी की खेती कैसे करें : Kiwi Fruit Farming in Hindi

Sandeep
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किवी फल को पहाड़ी क्षेत्रों में समुद्र तल से 700 से 2000 मीटर की ऊंचाई पर सफलता पूर्वक उगाया जा सकता है, कीवी की खेती उन क्षेत्रों में आसानी से की जा सकती है जो स्थान आम (Mango) उत्पादन के लिए ठंडे और सेव (Apple) उत्पादन के लिए गर्म क्षेत्र होते हैं. 

कीवी मूल रूप से चीन का फल है इसलिए इसे चाइनीज गुजबेरी भी कहा जाता हैै. विश्व में कीवी की बढ़ती मांग को देखते हुए भारत में कीवी की खेती जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, सिक्किम, नागालैंड, मणिपुर और केरल में बड़े पैमाने पर की जा जाती हैै.

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कीवी की खेती कैसे करें (Kiwi Farming in Hindi)

भारत में कीवी की खेती व्यावसायिक दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण खेती है. बाजार में कीवी फल की अच्छी कीमत मिलने के कारण इसकी बागवानी करने वाले किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.

कीवी फल में मौजूद गुणों के कारण इसकी देश और दुनियां में काफी मांग है, इसकी बढ़ती मांग के कारण भारत में भी बागवानी का चलन तेजी से बढ़ रहा है.


कीवी की खेती करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है, जैसे मिट्टी, जलवायु और तापमान आदि. जो जानकारी निम्नवत है -

किवी खेती के लिए उपयुक्त जलवायु 

कीवी की खेती के लिए ठंडी जलवायु उपयुक्त होती है गर्म और तेज हवा कीवी के लिए हानिकारक होती है. कीवी की खेती उन क्षेत्रों में सफलतापूर्वक की जा सकती है जहां रोपण के बाद पहले छह महीनों में तापमान 15 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच होता है, जिसमें औसत वार्षिक वर्षा 150 सेमी और सर्दियों का तापमान लगभग 7 डिग्री सेल्सियस होता है.

किवी खेती के लिए उपयुक्त मिट्टी

कीवी की खेती के लिए उचित जल निकासी वाली भूमि की जरूरत होती है. हल्की अम्लीय और गहरी दोमट मिट्टी कीवी की खेती के लिए सबसे उपयुक्त होती है.

किवी खेती के लिए उपयुक्त मिट्टी

मिट्टी में कार्बनिक पदार्थो की मात्रा भी अधिक होनी चाहिए इसकी खेती में भूमि का P. H मान 5 से 6 के मध्य होना चाहिए.

किवी की मुख्य प्रजातियां

कीवी फल की 100 से भी ज्यादा प्रजातियां दुनियां में पाई जाती हैं. लेकिन भारत मेंं इसकी कुछ ही किस्में उगाई जाती हैं जो कलम या ग्राफ्टिंग के माध्यम से तैयार की जाती हैं. जिसकी जानकारी निम्नवत है -

• एबट प्रारंभिक किस्म है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं और इनका औसत वजन 40-50 ग्राम होता है.

• एलीसन फल लंबे और पतले आकार के होते हैं जिनमें खट्टापन थोड़ा अधिक होता हैै इस फल का औसत वजन 45-55 ग्राम होता है.

• ब्रूनो फल मध्यम आकार के और भूरे रंग के होते हैं, फल में कम अम्लता होती है एवं अन्य फलों की तुलना में इस प्रजाति के फल को कम तापमान की आवश्यकता होती है, ब्रूनो प्रजाति के फल का वजन लगभग 60 ग्राम होता है.

• हेवर्ड फल दिखने में काफी आकर्षक होते हैं एवं इन्हें लंबे समय तक रखा जा सकता है इसमें 14% तक घुलनशील शर्करा होती है जो अन्य प्रजातियों की तुलना में काफी अधिक है. कम तापमान वाले ऊंचे पर्वतीय क्षेत्र हेवर्ड प्रजातियों के लिए उपयुक्त होते हैं, इस प्रजाति के 6-7 साल पुराने पौधे से 45-50 किलो फल प्राप्त किया जा सकता है.

• मोंटी प्रजाति देर से फलने वाली होती है लेकिन पकने में कम समय लेती है, इस प्रजाति के फल मध्यम आकार के होते हैं एवंं इस फल का औसत वजन 40-50 ग्राम होता है.

• तुमोरी एक नर पौधा है जिसे परागण के लिए किसी भी मादा किस्म के साथ लगाया जाता है, इसके फूल आकर्षक और गुच्छेदार होते हैं.

• रेड कीवी प्रजाति के फल लाल रंग के होते हैं और इस प्रजाति के फल पर रोम नहीं पाए जाते हैं, इस प्रजाति में भी नर और मादा पौधे होते हैं.

कीवी की पौध कैसे तैयार करें

कीवी फल के पौधों का प्रसारण बडिंग, कटिंग एवं लेयरिंग द्वारा किया जाता है, इन विधियों का विवरण इस प्रकार है.

बडिंग विधि - कीवी की पौध तैयार करने के लिए यह विधि सबसे उपयुक्त है. इस विधि में पके कीवी फल से बीज निकाल कर उन्हें साफ करके अच्छी तरह सुखा लें. बीजों को सुखाने के एक सप्ताह बाद बोयें.

नर्सरी तैयार करते समय इस बात का ध्यान रखें कि बुवाई के बाद इस पर एक सप्ताह तक सीधी धूप न पड़े, इसके बाद क्यारियों पर मल्चिंग करें और जब पौधे में 4 से 5 पत्तियाँ आ जाएं तो रोपाई का काम करें, मई या जून महीने में इसे नर्सरी में लगाया जा सकता है.

कटिंग विधि - कीवी की एक साल पुरानी टहनी को जनवरी के महीने में काट लें, जो 20-25 सेंटीमीटर लंबी और कली युक्त हो और फिर इस कटिंग पर रूट ग्रोथ हार्मोन लगाकर मिट्टी में गाड़ दें. इस तरह से तैयार पौधे अगले साल लगाए जाते हैं.

लेयरिंग विधि - कीवी के बेल की एक वर्ष पुरानी शाखा को चुनकर उसकी एक इंच छाल को चारों ओर से हटा देना चाहिए इसके बाद उसके चारों ओर मिट्टी को अच्छी तरह से बांध दें. ध्यान दें कि इसमें हवा नहीं जानी चाहिए.

लगभग एक महीने बाद इसमें से नसें निकलने लगेंगी इसके बाद इस शाखा को मुख्य बेल से काटकर दूसरी जगह लगा देना चाहिए, मुख्य बेल से इसे निकालते समय इस बात का ध्यान रखें कि शाखा चिरनी नहीं चाहिए व जहां मिट्टी बांधी थी उसके ठीक नीचे से काटें.

कीवी पौध का रोपण

कीवी पौध का रोपण जनवरी माह में किया जाता है. कीवी की खेती में पौधे से पौधे की दूरी 6 मीटर और एक पंक्ति से दूसरी पंक्ति की दूरी 4 मीटर तक रखी जानी चाहिए प्रत्येक 8 मादा पौधों के साथ एक नर पौधा लगाना आवश्यक है.

ध्यान देने योग्य
किवी की बेल को जमीन से ऊपर रोकने के लिए लोहे के खंबे और तारों से बने मजबूत ढांचे की जरूरत होती है.

कीवी बेल की अधिक वृद्धि और फलों की अधिक उपज के लिए इसे समय-समय पर खाद देना आवश्यक है. 

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निष्कर्ष : कीवी की खेती कैसे करें

कीवी एक स्वादिष्ट और पौष्टिक फल है, भारत में भी कीवी की बढ़ती मांग को देखते हुए इसकी खेती का चलन तेजी से बढ़ रहा है, कीवी की खेती से किसान अच्छी आय प्राप्त कर सकते हैं.

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2 टिप्पणियाँ
  1. संचिता माधव12:44 pm

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  2. Edify Time12:45 pm

    प्रिय पाठक,

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