मैदान किसे कहते हैं? मैदानों का वर्गीकरण और इनका महत्व

Sandeep
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मैदान, धरती की सतह का एक खुला और समतल क्षेत्र, जो हरी-भरी घास, रंग-बिरंगे फूलों और ऊँचे-ऊँचे पेड़ों से ढका होता है, यह धरती का एक ऐसा हिस्सा है जहाँ प्रकृति अपनी पूरी शान से खिली होती है, मैदान न सिर्फ धरती की सुंदरता को बढ़ाते हैं, बल्कि मनुष्य के जीवन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

इस लेख में, हम मैदानों के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालेंगे, हम जानेंगे कि मैदान किसे कहते हैं, मैदान की परिभाषा, वर्गीकरण आदि. साथ ही हम यह भी जानेंगे कि विश्व के प्रमुख मैदान कौन से हैं और हमारे जीवन में मैदानों का क्या महत्व है.

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मैदान किसे कहते हैं (Maidan Kise Kahate Hain)

भौगोलिक दृष्टि से मैदान उस भूमि क्षेत्र को कहतें हैं जो समतल हो (या जिसमे बहुत थोड़ा उतार-चढ़ाव हो) और जिसकी ऊँचाई समुद्र तट से 500 फुट से कम हो. ऊंचाई, स्थिति, आकार और धरातलीय स्वरूप के आधार पर मैदानों को कई भागों में बांटा जा सकता है.

Maidan Kise Kahate Hain

मैदान की परिभाषा (Maidan Ki Paribhasha)

मैदान एक समतल भूमि है जिसकी ढलान कम होती है, यह आमतौर पर नदियों द्वारा जमा किए गए जलोढ़ मिट्टी से बनी होती है, मैदानों का क्षेत्रफल बहुत बड़ा हो सकता है, और वे विभिन्न प्रकार के वनस्पतियों और जीवों का घर हो सकते हैं.

मैदानों का वर्गीकरण (Maidan Ka Vargikaran)

मैदानों का वर्गीकरण कई कारकों के आधारों पर किया जा सकता है, जिनमें से मुख्य प्रकार निम्नलिखित हैं -

1. ऊंचाई के आधार पर

निम्न मैदान - ये मैदान समुद्र तल से 500 फीट से कम ऊंचाई पर स्थित होते हैं, जैसे गंगा का मैदान, नीदरलैंड्स का तटीय मैदान.

मध्यवर्ती मैदान - ये 500 फीट से 1000 फीट ऊंचाई के बीच स्थित होते हैं, जैसे दक्कन का पठार जो भारत में स्थित है.

उच्च मैदान - ये 1000 फीट से 2000 फीट ऊंचाई के बीच स्थित होते हैं, जैसे कोलोराडो का पठार जो संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित है.

2. स्थिति के आधार पर

तटीय मैदान - ये मैदान समुद्र के किनारे पाए जाते हैं, ये आमतौर पर लहरों के जमाव से बनते हैं, जैसे पूर्वी तटीय मैदान जो संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित है.

अंतर्देशीय मैदान - ये मैदान समुद्र से दूर स्थित होते हैं, ये आमतौर पर नदियों द्वारा जमाव से बनते हैं, जैसे गंगा का मैदान.

3. आकार के आधार पर

विस्तृत मैदान - ये विशाल क्षेत्रफल वाले मैदान होते हैं, जैसे अमेरिका का ग्रेट प्लेन.

छोटे मैदान - ये सीमित क्षेत्रफल वाले मैदान होते हैं, जैसे नदी घाटियों के किनारे पाए जाने वाले छोटे मैदान.

4. धरातलीय स्वरूप के आधार पर

जलोढ़ मैदान - ये नदियों द्वारा जमा किए गए अवसादों से बनते हैं, जैसे गंगा का मैदान, सिंधु का मैदान.

हिमानी मैदान - ये हिमनदों द्वारा जमा किए गए अवसादों से बनते हैं, जैसे उत्तरी अमेरिका और यूरोप के कुछ मैदान.

ज्वालामुखी मैदान - ये ज्वालामुखी विस्फोटों से निकले लावा के ठंडा होने से बनते हैं जैसे डेक्कन का पठार.

रेगिस्तानी मैदान - ये रेत से ढके मैदान होते हैं, जैसे कि थार का रेगिस्तान जो भारत में स्थित है.

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये वर्गीकरण परस्पर जुड़े हो सकते हैं, उदाहरण के लिए, गंगा का मैदान एक निम्न, अंतर्देशीय और जलोढ़ मैदान है.

रचना के आधार पर मैदानों का वर्गीकरण (Rachna ke Aadhar Par Maidan Ka Vargikaran)

रचना के आधार पर मैदानों को चार मुख्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है -

1. जलोढ़ मैदान

जलोढ़ मैदान वे समतल भूभाग हैं जो नदियों द्वारा जमा किए गए अवसादों से बनते हैं, इन अवसादों में रेत, गाद, और मिट्टी शामिल होते हैं जो नदियां अपने साथ ऊपरी इलाकों से बहकर लाती हैं. गंगा का मैदान, सिंधु का मैदान, मिस्र का मैदान इसका मुख्य उदाहरण हैं.

2. हिमानी मैदान

हिमानी मैदान वे समतल भूभाग हैं जो हिमनदों द्वारा जमा किए गए अवसादों से बनते हैं, हिमनद धीरे-धीरे बहते हुए चट्टानों को तोड़ते हैं और उनके टुकड़े, मिट्टी और रेत को अपने साथ बहा लाते हैं, जब हिमनद पिघलते हैं, तो यह जमा हुए अवसाद एक समतल मैदान बनाते हैं, उत्तरी अमेरिका और यूरोप के कुछ मैदान इसके उदाहरण हैं.

3. ज्वालामुखी मैदान

ज्वालामुखी मैदान वे समतल भूभाग हैं जो ज्वालामुखी विस्फोटों से निकले लावा और राख से बनते हैं, ज्वालामुखी विस्फोट के दौरान, लावा ज्वालामुखी के मुख से निकलकर आसपास के क्षेत्र में फैल जाता है, यह लावा ठंडा होने पर ज्वालामुखी पठार का निर्माण करता है, ज्वालामुखी मैदान की मिट्टी काली होती है, थार का रेगिस्तान (भारत), सहारा रेगिस्तान (अफ्रीका) इसके उदाहरण हैं.

विश्व के प्रमुख मैदानों का विवरण (Vishva Ke Pramukh Maidan)

गंगा का मैदान (भारत, बांग्लादेश) - यह विश्व का सबसे बड़ा जलोढ़ मैदान है, यह हिमालय पर्वत और दक्कन पठार के बीच स्थित है, यह क्षेत्र अपनी उपजाऊ मिट्टी और कृषि उत्पादन के लिए जाना जाता है.

अमेज़ॅन का मैदान (दक्षिण अमेरिका) - यह विश्व का सबसे बड़ा वर्षावन मैदान है, यह अमेज़ॅन नदी के किनारे स्थित है, यह क्षेत्र अपनी जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों के लिए प्रसिद्ध है.

ग्रेट प्लेन (उत्तरी अमेरिका) - यह कनाडा और संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित एक विशाल मैदान है, यह क्षेत्र अपनी उपजाऊ मिट्टी और कृषि उत्पादन के लिए जाना जाता है.

पेटागोनिया का मैदान (दक्षिण अमेरिका) - यह अर्जेंटीना और चिली में स्थित एक विशाल मैदान है, यह क्षेत्र अपनी शुष्क जलवायु और विशाल घास के मैदानों के लिए जाना जाता है.

सहारा का मैदान (उत्तरी अफ्रीका) - यह विश्व का सबसे बड़ा गर्म रेगिस्तान है, यह उत्तरी अफ्रीका के अधिकांश भागों में फैला हुआ है, यह क्षेत्र अपनी शुष्क जलवायु और रेतीले टीलों के लिए जाना जाता है.

गोबी रेगिस्तान (मध्य एशिया) - यह एशिया का सबसे बड़ा रेगिस्तान है, यह चीन और मंगोलिया में फैला हुआ है, यह क्षेत्र अपनी शुष्क जलवायु और रेतीले टीलों के लिए जाना जाता है.

थार रेगिस्तान (दक्षिण एशिया) - यह भारत और पाकिस्तान में स्थित एक विशाल रेगिस्तान है, यह क्षेत्र अपनी शुष्क जलवायु और रेतीले टीलों के लिए जाना जाता है.

सिंधु-गंगा का मैदान (भारत, पाकिस्तान) - यह भारत और पाकिस्तान में स्थित एक विशाल मैदान है, यह सिंधु और गंगा नदियों के किनारे स्थित है, यह क्षेत्र अपनी उपजाऊ मिट्टी और कृषि उत्पादन के लिए जाना जाता है.

उत्तरी चीन का मैदान (चीन) - यह चीन में स्थित एक विशाल मैदान है, यह पीली नदी के किनारे स्थित है, यह क्षेत्र अपनी उपजाऊ मिट्टी और कृषि उत्पादन के लिए जाना जाता है.

दक्षिण-पूर्व एशिया का मैदान (दक्षिण-पूर्व एशिया) - यह दक्षिण-पूर्व एशिया में स्थित एक विशाल मैदान है, यह मेकांग नदी के किनारे स्थित है, यह क्षेत्र अपनी उपजाऊ मिट्टी और कृषि उत्पादन के लिए जाना जाता है.

ऑस्ट्रेलिया का मैदान (ऑस्ट्रेलिया) - यह ऑस्ट्रेलिया में स्थित एक विशाल मैदान है, यह मुर्रे नदी के किनारे स्थित है, यह क्षेत्र अपनी उपजाऊ मिट्टी और कृषि उत्पादन के लिए जाना जाता है.

यूरोपीय मैदान (यूरोप) - यह यूरोप में स्थित एक विशाल मैदान है, यह राइन नदी के किनारे स्थित है, यह क्षेत्र अपनी उपजाऊ मिट्टी और कृषि उत्पादन के लिए जाना जाता है.

कजाकिस्तान का मैदान (कजाकिस्तान) - यह कजाकिस्तान में स्थित एक विशाल मैदान है, यह Syr Darya नदी के किनारे स्थित है, यह क्षेत्र अपनी उपजाऊ मिट्टी और कृषि उत्पादन के लिए जाना जाता है.

अरब प्रायद्वीप का मैदान (अरब प्रायद्वीप) - यह अरब प्रायद्वीप के अधिकांश भागों में फैला हुआ है, यह क्षेत्र अपनी शुष्क जलवायु और रेतीले टीलों के लिए जाना जाता है, यह मैदान मुख्य रूप से रेगिस्तानी है, जिसमें कुछ उपजाऊ क्षेत्र भी हैं.

तराई का मैदान (नेपाल) - यह नेपाल में स्थित एक विशाल मैदान है, यह गंगा नदी के किनारे स्थित है, यह क्षेत्र अपनी उपजाऊ मिट्टी और कृषि उत्पादन के लिए जाना जाता है.

काला सागर का मैदान (यूरोप) - यह यूरोप में स्थित एक विशाल मैदान है, यह डेन्यूब नदी के किनारे स्थित है, यह क्षेत्र अपनी उपजाऊ मिट्टी और कृषि उत्पादन के लिए जाना जाता है.

मिस्र का मैदान (मिस्र) - यह मिस्र में स्थित एक विशाल मैदान है, यह नील नदी के किनारे स्थित है, यह क्षेत्र अपनी उपजाऊ मिट्टी और कृषि उत्पादन के लिए जाना जाता है.

दक्षिणी अफ्रीका का मैदान (दक्षिण अफ्रीका) - यह दक्षिण अफ्रीका में स्थित एक विशाल मैदान है, यह ऑरेंज नदी के किनारे स्थित है, यह क्षेत्र अपनी उपजाऊ मिट्टी और कृषि उत्पादन के लिए जाना जाता है.

मंगोलिया का मैदान (मंगोलिया) - यह मंगोलिया में स्थित एक विशाल मैदान है, यह सेलेन्गे नदी के किनारे स्थित है, यह क्षेत्र अपनी शुष्क जलवायु और विशाल घास के मैदानों के लिए जाना जाता है.

मैदानों का महत्व (Maidano Ka Mahatva)

मैदान मानव जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, इनके अनेक लाभ हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख हैं -

1. कृषि - मैदानों में उपजाऊ मिट्टी और समतल भूमि होती है, जो कृषि के लिए अनुकूल होती है, दुनिया के अधिकांश खाद्यान्न मैदानों में ही उगाए जाते हैं, गंगा का मैदान, अमेरिका का ग्रेट प्लेन, और चीन का मैदान विश्व के प्रमुख कृषि क्षेत्रों में शामिल हैं.

2. पशुपालन - मैदानों में घास के मैदान और खुली जगहें पशुपालन के लिए अनुकूल होती हैं, मैदानों में पशुओं को चराने के लिए पर्याप्त भोजन और पानी मिलता है.

3. खनन - मैदानों में कई प्रकार के खनिज पाए जाते हैं, जैसे कि कोयला, तेल और प्राकृतिक गैस, इन खनिजों का उपयोग ऊर्जा उत्पादन, औद्योगिक विकास और अन्य कार्यों के लिए किया जाता है.

4. पर्यटन - मैदानों में कई प्राकृतिक और ऐतिहासिक पर्यटन स्थल हैं, इनमें राष्ट्रीय उद्यान, पहाड़ियां, नदियां, और ऐतिहासिक स्मारक शामिल हैं, पर्यटन स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देते हैं और रोजगार के अवसर पैदा करते हैं.

5. बस्तियां - मैदानों में घनी आबादी होती है, मैदानों में समतल भूमि और अनुकूल जलवायु बस्तियों के विकास के लिए अनुकूल होती हैं.

6. परिवहन - मैदानों में समतल भूमि होने के कारण सड़कों, रेलवे लाइनों, और हवाई अड्डों का निर्माण आसानी से किया जा सकता है, यह परिवहन को आसान और सुविधाजनक बनाता है.

7. जल संसाधन - मैदानों में कई नदियां और झीलें होती हैं, जो जल संसाधनों का महत्वपूर्ण स्रोत हैं, इन जल संसाधनों का उपयोग सिंचाई, पेयजल, और औद्योगिक कार्यों के लिए किया जाता है.

8. जैव विविधता - मैदानों में विभिन्न प्रकार की वनस्पतियां और जीव-जंतु पाए जाते हैं, मैदान जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण होते हैं और पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

विश्व के प्रमुख घास के मैदान 

विश्व में घास के मैदानों के विभिन्न प्रकार पाए जाते हैं, जिनमें से प्रत्येक अपनी विशेषताओं के लिए जाना जाता है, उत्तरी अमेरिका में स्थित प्रेरी, लम्बी घास, जंगली जानवरों और बदलते मौसम के लिए प्रसिद्ध हैं, अफ्रीका में पाए जाने वाले सवाना, पेड़ों और घासों का मिश्रण होते हैं, जो शेर, हाथी, जिराफ जैसे जानवरों का घर हैं और मौसमी बदलावों का अनुभव करते हैं. दक्षिण अमेरिका में स्थित पम्पास, अपनी उपजाऊ मिट्टी, कृषि और पशुपालन के लिए जाने जाते हैं.

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Faq Section: Maidan Kise Kahate Hain in Hindi 

प्रश्न - मैदान क्या है?
उत्तर - मैदान समतल भूमि होती है जिनकी ढलान कम होती है, इनका निर्माण नदियों द्वारा जमा किए गए मिट्टी से होता है.

प्रश्न - भारत का प्रमुख मैदान कौन सा है?
उत्तर - गंगा का मैदान भारत का सबसे बड़ा मैदान है, जो हिमालय से लेकर बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ है, यह मैदान अपनी उपजाऊ मिट्टी और घनी आबादी के लिए जाना जाता है, यहाँ गंगा, यमुना, घाघरा, कोसी, और सोन जैसी कई नदियाँ बहती हैं.

प्रश्न - विश्व का प्रमुख मैदान कौन सा है?
उत्तर - विश्व का प्रमुख मैदान अमेरिकी मैदान है, यह मैदान उत्तरी अमेरिका महाद्वीप में स्थित है और लगभग 5.2 मिलियन वर्ग किलोमीटर (2 मिलियन वर्ग मील) क्षेत्रफल में फैला हुआ है, यह मैदान दुनिया का सबसे बड़ा मैदान है और इसकी तुलना में भारत का गंगा का मैदान केवल एक तिहाई आकार का है.

प्रश्न - मैदानों से संबंधित कुछ रोचक तथ्य क्या हैं?
उत्तर - दुनियां का सबसे ऊँचा मैदान तिब्बत का पठार है, विश्व का सबसे बड़ा ज्वालामुखी मैदान हवाई द्वीप समूह है.

निष्कर्ष: मैदान किसे कहते हैं (Maidan Kise Kahate Hain)

मैदान समतल या थोड़े ढलान वाले भूभाग होते हैं जो विभिन्न प्रकार की भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं द्वारा बनते हैं, मैदान उपजाऊ मिट्टी, जल संसाधन और घनी आबादी के लिए जाने जाते हैं, मैदान धरती पर महत्वपूर्ण भूभाग हैं, मानव जीवन और गतिविधियों के लिए यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. 

इस लेख में आपने जाना कि मैदान क्या होता है, मैदान की परिभाषा, मैदानों का वर्गीकरण, विश्व के प्रमुख मैदानों का विवरण और हमारे जीवन में मैदानों का महत्व क्या है.

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