वायु क्या है: What is Air in Hindi

Sandeep
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वायु क्या है (Vayu kya hai)

वायु क्या है (Vayu kya hai)

वायु (हवा) हमारे चारों ओर हर जगह उपल्ब्ध है, हम इसे देख नही सकते लेकिन हम हवा की उपस्थिति को महसूस कर सकते हैं. जब हवा चलती है, तो हम इसे अपने शरीर पर, पेड़ों की पत्तियों पर और अन्य जगहों पर महसूस कर सकते हैं.

• हर सजीव को सांस लेने के लिए हवा चाहिए.

• हवा के कारण हम एक दूसरे की आवाज सुन सकते हैं.

• किसी पदार्थ के दहन के लिए हवा आवश्यक है.

• हवा के अभाव में पक्षियां उड़ नहीं पाएंगे.

• वायु के बिना पृथ्वी पर जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है.


वायु का संघटन

वायु अनेक गैसों, जलवाष्प तथा धूलकणों का मिश्रण है. वायु में उपस्थित गैसों का विवरण इस प्रकार है -

नाइट्रोजन - नाइट्रोजन हवा का सबसे बड़ा घटक है, हमारे चारों ओर 78% हवा नाइट्रोजन है.

यह गैस पौधों के लिए आवश्यक है.
यह गैस आग जलाने में सहायक नहीं होती है.

ऑक्सीजन - वायु का दूसरा प्रमुख घटक ऑक्सीजन है, 21% हवा ऑक्सीजन से बनी है.

यह गैस सभी जीवित प्राणियों-जानवरों और पेड़-पौधों के लिए आवश्यक है.
यह गैस आग जलाने में सहायक होती है.

कार्बन डाइऑक्साइड - हवा के शेष 0.03% में कार्बन डाइऑक्साइड और कई अन्य गैसें, जल वाष्प और धूल के कण होते हैं.

इस गैस का उपयोग पेड़-पौधे भोजन बनाने में करते हैं.
यह गैस धरती को गर्म रखने में मदद करती है.

इसके अलावा, शेष 0.97 प्रतिशत हवा हाइड्रोजन, हीलियम, आर्गन, नियॉन, क्रिप्टन, क्सीनन, ओजोन और जल वाष्प होता है. 

हवा में विभिन्न गैसों की उपरोक्त मात्रा इसे संतुलित रखती है. इसमें जरा सा भी अंतर आने पर यह असंतुलित होकर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित होती है. श्वसन के लिए ऑक्सीजन आवश्यक है.

वायु का महत्व

वायु पंचतत्वों में से एक है. अन्य हैं पृथ्वी, जल, अग्नि और आकाश. वायु सभी मनुष्यों, जीवों एवं वनस्पतियों के लिए बहुत आवश्यक है.

इसके महत्व का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मनुष्य भोजन के बिना हफ्तों तक और पानी के बिना कुछ दिनों तक जीवित रह सकता है लेकिन हवा के बिना मनुष्य का जीवित रहना असंभव है.

मनुष्य एक दिन में जो कुछ ग्रहण करता है उसका 80 प्रतिशत भाग वायु है, ज्ञातव्य है कि एक व्यक्ति एक दिन में 22,000 बार सांस लेता है. इस प्रकार मनुष्य हर दिन 16 किलो या 35 गैलन वायु ग्रहण करता है.

वायु के गुण

  (1) वायु सर्वत्र पाई जाती है, यह सर्वव्यापी है.

  (2) वायु गंधहीन, रंगहीन और पारदर्शी होती है.

  (3) वायु में भार होता है और यह स्थान घेरती है.


वायु कैसे चलती है

जब सूर्य का प्रकाश पृथ्वी पर पड़ता है तो भूमि और वायु गर्म होने लगती है, तापमान बढ़ जाता है और वायु फैलने लगती है तथा उसका घनत्व भी कम हो जाता है.

गर्म हवा ठंडी हवा के मुकाबले हल्की होती है इसलिए वह ऊपर की तरफ उठने लगती है इस स्थिति में ऐसे स्थानों की वायु का दाब कम हो जाता है.

यह एक प्रकार का निर्वात होता है जिसे भरने के लिए उच्च दाब अर्थात् ठंडे स्थानों से वायु आने लगती है. हालांकि कभी-कभी हमें ऐसी हवाओं की ठंडक महसूस नहीं होती है लेकिन वास्तव में यह हवा अपेक्षाकृत ठंडी और भारी होती है.

गर्म वातावरण में आने के कुछ समय बाद यह हवा भी गर्म हो जाती है और ऊपर उठने लगती है, तापमान में इस परिवर्तन के कारण हवा का आना-जाना होता रहता है. जिसे हम हवा का चलना या प्रवाह कहते हैं.

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निष्कर्ष: वायु क्या है (Vayu kya hai)

इस लेख में आपने जाना कि वायु क्या है, वायु का संघटन, महत्व और गुण. उम्मीद है आपको वायु क्या है: What is Air in Hindi लेख पसंद आया होगा. लेख को सोशल मीडिया पर अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें.

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