भमोरा क्या है और भमोरा के फायदे क्या हैं

Sandeep
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हिमालय के घने जंगलों में प्रकृति ने अनमोल खज़ाना छिपा रखा है, इन्हीं अनमोल रत्नों में से एक है भमोरा, यह न केवल अपने लाजवाब स्वाद और उच्च पोषण मूल्य के लिए जाना जाता है, बल्कि कई अद्भुत औषधीय गुणों से भी भरपूर है.

इस लेख में हम भमोरा फल (Bhamora Fruit) के बारे में विस्तार से जानेंगे, इसमें हम बात करेंगे कि भमोरा क्या है और भमोरा के फायदे क्या हैं, साथ ही हम जानेंगे कि इसके उपयोग और संभावित नुकसान क्या क्या हैं.  

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भमोरा क्या है (Bhamora kya hai)

भमोरा एक जंगली फल है, जिसका वैज्ञानिक नाम कॉर्नस कैपिटाटम (Cornus capitata) है, जो कि Cornaceae कुल का सदस्य है, इसका फल गोलाकार, स्ट्रॉबेरी के समान और लगभग 2.5 सेंटीमीटर व्यास का होता है, पकने से पहले यह फल हरा और पकने पर लाल हो जाता है.

Bhamora kya hai

भमोरा के लोकप्रिय नाम 
भमोरा फल को डॉगवुड तथा स्थानीय भाषा में भमोरू, भमोर, बामोरा और मोर आदि नामों से जाना जाता है, लीची या स्ट्रॉबेरी के समान दिखने के कारण भमोरा को Himalayan Strawberry भी कहा जाता है.

भमोरा की विशेषताएं
पहाड़ी क्षेत्रों में, जंगलों की शोभा बढ़ाते हुए, लगभग 10 मीटर ऊँचा भमोरा का सदाबहार वृक्ष प्रकृति का एक अमूल्य रत्न है, हरी-भरी अंडाकार पत्तियों से सजा यह वृक्ष मानो प्रकृति की अद्भुत कलाकृतियों में से एक है, जो मनोरम दृश्य प्रस्तुत करता है.

भमोरा के फूल
जून से अगस्त तक भमोरा का सदाबहार वृक्ष, जो आमतौर पर हरे-भरे पत्तों से ढका रहता है, इस मौसम में सफेद और हल्के गुलाबी रंग के फूलों से भर जाता है, मानो प्रकृति ने इस वृक्ष को रंगों से सजाकर उसकी सुंदरता को और भी निखार दिया हो.

भमोरा के फूल

इन छोटे-छोटे फूलों में चार पंखुड़ियां होती हैं, जो हवा के झोंकों के साथ नाचते हुए अपने सौंदर्य और सुगंध से मन को मोह लेते हैं, जैसे कि ये फूल हवा के साथ ताल मिलाकर कोई मनमोहक नृत्य कर रहे हों.

भमोरा के फल कब लगते हैं
भमोरा के फूल मध्य सितंबर से नवंबर तक फलों में बदल जाते हैं और पूरी तरह पकने पर यह फल मुलायम परत से ढका, स्वाद में मीठा, नरम गुठलियों से भरा होता है जो कि स्वाद में अतुलनीय होता है.

पकने पर, ये फल पक्षियों, जानवरों और खासकर भालुओं का पसंदीदा भोजन बन जाते हैं, इसी कारण इन्हें प्यार से भालू का गुलाब जामुन भी कहा जाता है.

भमोरा का फल बहुत ही कम पाया जाता है, आमतौर पर चरवाहे और घास के लिए जंगल में जाने वाली महिलाओं को ही इसे खाने का सौभाग्य प्राप्त होता है.

भमोरा कहां पाया जाता है?

भमोरा दुनिया भर में भारत, चीन, नेपाल और ऑस्ट्रेलिया के ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में पाया जाता है.

भारत में Bhamora Tree मुख्य रूप से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 1000 से 3000 मीटर की ऊंचाई तक पाया जाता है. भमोरा सिर्फ़ इन राज्यों तक ही सीमित नहीं है, यह कम मात्रा में पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय के कुछ हिस्सों में भी पाया जाता है.

भमोरा में पाए जाने वाले पोषक तत्व

भमोरा फल विटामिन, खनिज, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, यह विटामिन सी (लगभग 16%), ए और ई का एक अच्छा स्रोत है, और इसमें पोटेशियम, मैग्नीशियम, आयरन और फाइबर भी अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, 

भमोरा फल एंटीऑक्सीडेंट से भी भरपूर होता है, जो रोगों से बचाने में मदद करते हैं, इसमें शुगर की मात्रा कम होती है जो इसे एक स्वस्थ आहार का एक उत्कृष्ट पूरक बनाता है.

भमोरा के फायदे (Bhamora ke fayde)

भमोरा का सदाबहार वृक्ष औषधीय वृक्ष है जो अपने स्वादिष्ट और पौष्टिक फलों के लिए जाना जाता है, भमोरा के अनेकों फायदे हैं -

पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है - भमोरा में मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को सुचारू रूप से चलाने में मदद करता है, मल त्याग को नियमित करता है, कब्ज से राहत दिलाता है और पेट फूलने की समस्या को कम करता है.

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है - भमोरा में भरपूर मात्रा में विटामिन सी होता है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है, रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है और सर्दी, खांसी, बुखार और अन्य संक्रमणों से बचाता है.

हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभदायक - भमोरा में मौजूद पोटेशियम रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है, हृदय गति को नियंत्रित करता है और हृदय रोगों के खतरे को कम करता है.

कैंसर से बचाव - भमोरा में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, जैसे विटामिन सी और ई, और एंथोसायनिन, मुक्त कणों से लड़ने में मदद करते हैं, जो कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त कर सकते हैं और कैंसर का कारण बन सकते हैं.

मधुमेह को नियंत्रित करता है - भमोरा में मौजूद फाइबर रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है, इंसुलिन प्रतिरोधकता को कम करता है और मधुमेह के खतरे को कम करता है.

वजन घटाने में सहायक - भमोरा में कम कैलोरी और भरपूर फाइबर होता है, जो आपको लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है, भूख को नियंत्रित करता है और वजन घटाने में मदद करता है.

त्वचा और बालों के लिए - भमोरा में मौजूद विटामिन ए और ई त्वचा को हाइड्रेटेड रखते हैं, मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाते हैं, झुर्रियों को कम करते हैं और बालों को मजबूत बनाते हैं.

हड्डियों के लिए - भमोरा में मौजूद कैल्शियम और मैग्नीशियम हड्डियों के घनत्व को बढ़ाते हैं, ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों से बचाते हैं और जोड़ों के दर्द को कम करते हैं.

आंखों के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक - भमोरा में मौजूद विटामिन ए और एंथोसायनिन आंखों की रोशनी को बेहतर बनाते हैं, मोतियाबिंद और अंधेपन जैसी बीमारियों से बचाते हैं और आंखों की थकान को कम करते हैं.

मस्तिष्क स्वास्थ्य में सुधार करता है - भमोरा में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट मस्तिष्क की कोशिकाओं को क्षति से बचाते हैं, स्मृति और एकाग्रता में सुधार करते हैं साथ ही अल्जाइमर और पार्किंसंस जैसी बीमारियों के खतरे को भी कम करते हैं.

ऊर्जा स्तर बढ़ाता है - भमोरा में मौजूद विटामिन बी कॉम्प्लेक्स ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाता है, थकान को कम करता है, और व्यक्ति को अधिक ऊर्जावान महसूस कराता है.

सूजन को कम करता है - भमोरा में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन को कम करते हैं, जोड़ों के दर्द और गठिया जैसी बीमारियों से राहत दिलाते हैं और मांसपेशियों की ऐंठन और दर्द को कम करते हैं.

मासिक धर्म की समस्याओं से राहत - भमोरा में मौजूद खनिज, जैसे मैग्नीशियम और कैल्शियम, मासिक धर्म की ऐंठन, अनियमित मासिक धर्म और प्रीमेन्स्ट्रुअल सिंड्रोम (PMS) के लक्षणों को कम करने में मदद करते हैं.

रक्त को साफ करता है - भमोरा में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट रक्त को साफ करने में मदद करते हैं, विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालते हैं और जिगर के स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं.

तनाव और चिंता को कम करता है - भमोरा में मौजूद विटामिन बी कॉम्प्लेक्स तनाव हार्मोन के स्तर को कम करता है, मूड को बेहतर बनाता है और चिंता और अवसाद से राहत दिलाता है.

भमोरा का सेवन कैसे करें
भमोरा का सेवन इसके फल के अलावा इसके फूल और पत्तियों को सुखाकर या पाउडर के रूप में भी किया जा सकता है, भमोरा का सेवन आप इस प्रकार कर सकते हैं -

चाय
1 कप पानी में 1-2 चम्मच सूखे भमोरा के फूल डालकर 5-10 मिनट तक उबालें और फिर छानकर पी लें, इस चाय का सेवन आप दिन में 2-3 बार कर सकते हैं.

पाउडर
भमोरा के फूलों को सुखा लें और सूखे फूलों को पीसकर बारीक पाउडर बना लें, आप इसे 1 कप गर्म पानी में 1/2 चम्मच पाउडर मिलाकर पी सकते हैं.

भमोरा के नुकसान 

भमोरा का किसी भी रूप में उपयोग करने से पहले, सुनिश्चित करें कि भमोरा केवल विश्वसनीय स्रोतों से ही खरीदा जाए और अनुशंसित खुराक से अधिक का सेवन न करें.

एलर्जी प्रतिक्रियाएं - कुछ लोगों को भमोरा से एलर्जी हो सकती है, जिसके लक्षणों में खुजली, लालिमा, सूजन और सांस लेने में तकलीफ शामिल हो सकते हैं.

पाचन संबंधी समस्याएं - भमोरा में मौजूद कुछ यौगिक पाचन संबंधी समस्याओं का कारण बन सकते हैं, जैसे कि पेट दर्द, दस्त, और मतली.

रक्तचाप में कमी - भमोरा रक्तचाप को कम करने में मदद कर सकता है, जो कुछ लोगों के लिए हानिकारक हो सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो पहले से ही निम्न रक्तचाप से पीड़ित हैंं.

गर्भावस्था और स्तनपान - गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भमोरा का सेवन नहीं करना चाहिए.

भमोरा के उपयोग से जुड़े सभी संभावित जोखिमों का अभी तक पूरी तरह से अध्ययन नहीं किया गया है, यदि आप भमोरा का उपयोग करने पर विचार कर रहे हैं, तो किसी योग्य स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर से बात करना महत्वपूर्ण है.

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निष्कर्ष: Bhamora kya hai or bhamora ke fayde kya hain

भमोरा एक स्वस्थ और पौष्टिक फल है जो कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है, यह विटामिन, खनिज, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है जो आपके समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है.

भमोरा को अपने आहार में शामिल करके आप कई स्वास्थ्य समस्याओं को रोक सकते हैं और अपनी जीवनशैली में सुधार कर सकते हैं.

इस हिंदी लेख में आपने जाना कि भमोरा क्या है, भमोरा की विशेषताएं, पोषक तत्व, स्वास्थ्य लाभ, उपयोग और इसके संभावित नुकसान क्या क्या हैं. 

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2 टिप्पणियाँ
  1. निहारिका राणा11:39 am

    Osm,
    We love Bhamora, we have eaten it a lot in our childhood.

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  2. संजय नेगी11:42 am

    भामोरु फल हमारे यहां भी बहुत होता है। स्वाद में लाजवाब फल है भमोरू फल।।

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