क्या आप जानते हैं? भूकंप क्या है और यह कैसे आता है?

Sandeep
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भूकंप एक प्राकृतिक आपदा है जो पृथ्वी की परत में स्ट्रैटिग्राफिक हलचलों के कारण आता है लेकिन तकनीक के इस युग में आज भी भूकंप का पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सकता है.

भूकंप की भविष्यवाणी कर पाना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, काश ऐसी कोई तकनीक होती कि जिससे भूकंप के प्रभावों के बारे में पहले से पता चल जाता तो जान-माल के नुकसान को कम करना संभव होता लेकिन यह आज भी विज्ञान के लिए एक चुनौतीपूर्ण क्षेत्र बना हुआ है.

इस लेख के माध्यम से हम जानेंगे कि भूकंप क्या है, भूकम्प क्यों आता है, भूकंप के विभिन्न कारण, भूकंप के प्रकार, भूकंप के समय होने वाली घटनाएं और भूकंप से कैसे बचें आदि, कृपया हमारे साथ लेख के अंत तक बने रहें.

बिना किसी देरी के, चलिए शुरू करते हैं भूकंप क्या है और यह कैसे आता है? के बारे में यह महत्वपूर्ण लेख.

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भूकंप क्या है (Bhukamp kya hai)

भूकंप एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो पृथ्वी के भू-पटल में घटित होती है, इसमें जमीन के किसी बिंदु पर अचानक होने वाली हलचल के कारण पृथ्वी की सतह हिलने लगती है.

जिससे आसपास के क्षेत्रों की भूमि में कम्पन होने लगती है और हमें हलचल या कंपन की अनुभूति होती है, भूकंप के प्रभाव से इमारतों, सड़कों और अन्य संरचनाओं को नुकसान होता है जो मानवीय जीवन पर असर डालती है.

भूकंप क्या है

भूकंप को विभिन्न भाषाओं एवं क्षेत्रों में भूचाल, भूगर्भीय घटना, भू-आघात जैसे नामों से जाना जाता है. भूकंप को English में Earthquake कहा जाता है.

भूकंप कैसे आता है? (Bhukamp Kaise Aata Hai)

भूकंप मुख्य रूप से पृथ्वी की प्लेटों (Tectonic plates) की गतिविधि के कारण आते हैं, पृथ्वी की सतह कई बड़ी और मोटी चट्टानों की प्लेटों से बनी हुई है जो लगातार गतिशील रहती हैं, ये प्लेटें धीरे-धीरे खिसकती, टकराती और एक-दूसरे के ऊपर चढ़ती रहती हैं, जब ये प्लेटें अचानक टकराती हैं या अपनी जगह से खिसकती हैं तो धरती हिलती है और भूकंप आता है.

भूकंप आने के मुख्य कारण (Bhukamp Ke Mukhya Karan)

भूकंप एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसमें पृथ्वी के भूपटल में कंपन होता है, इसका मूल कारण पृथ्वी की संतुलन व्यवस्था में अव्यवस्था होना है, इस अव्यवस्था के कई कारण हो सकते हैं. जिनमें से मुख्य कारण इस प्रकार हैं -

1. टेक्टोनिक प्लेटें
पृथ्वी की सतह कई बड़ी प्लेटों से बनी है जो लगातार गति में रहती हैं, जब ये प्लेटें टकराती हैं, रगड़ती हैं या दूर जाती हैं तो भारी ऊर्जा निकलती है जिससे भूकंपीय तरंगें पैदा होती हैं और जमीन हिलती है.

2. ज्वालामुखी विस्फोट
ज्वालामुखी विस्फोट से निकलने वाला लावा और राख भी भूकंप का कारण बन सकता है, जब ज्वालामुखी फटता है तो यह भूकंपीय तरंगें उत्पन्न कर सकता है जो आसपास के क्षेत्र को हिला देती हैं.

3. मानवीय गतिविधियाँ
कुछ मानवीय गतिविधियाँ, जैसे कि बांधों का निर्माण, खनन और परमाणु परीक्षण भी भूकंप का कारण बन सकते हैं, ये गतिविधियाँ पृथ्वी की पपड़ी पर दबाव डाल सकती हैं और भूकंपीय गतिविधि को जन्म दे सकती हैं.

4. भूस्खलन 
बड़े भूस्खलन भी भूकंप पैदा कर सकते हैं, जब भारी मात्रा में चट्टानें और मिट्टी ढलान से नीचे गिरती हैं तो वे भूकंपीय तरंगें उत्पन्न कर सकती हैं जो आसपास के क्षेत्र को हिला देती हैं.

भूकंप के प्रकार (Bhukamp ke Prakar)

भूकंप की उत्पत्ति के कारणों पर आधारित भूकंप दो अलग-अलग प्रकार के होते हैं.

प्राकृतिक भूकंप - ये भूकंप पृथ्वी की आंतरिक या बाह्य शक्तियों के कारण होते हैं, इनमें ज्वालामुखी उद्गार, भूपटल के संतुलन में अव्यवस्था, भ्रंश मूलक भूकंप और प्लूटोनिक भूकंप शामिल होते हैं.

कृत्रिम भूकंप - ये भूकंप मनुष्य के कारकों से उत्पन्न होते हैं और इनमें बम विस्फोट, बड़े जल पुनर्गठन और अन्य मानव उत्पन्न कारण शामिल होते हैं.

इन दोनों प्रकार के भूकंप के उत्पत्ति में विभिन्न कारकों का योगदान होता है और इनके प्रकार और प्रभाव में अंतर होता है.

भूकंप के समय होने वाली घटनाएं 

भूकंप चट्टानों के टूटने से उत्पन्न ऊर्जा के कारण पृथ्वी के अंदर तरंगें उत्पन्न होती हैं, ये तरंगें सभी दिशाओं में फैलती हैं और धीरे-धीरे कमजोर होती जाती हैं, भूकंपीय तरंगों के फैलने और चट्टानों में प्रवेश के कारण जमीन के कणों में धक्का और खिंचाव होता है.

पृथ्वी के अंदर दो मुख्य प्रकार की भूकंपीय तरंगें होती हैं P तरंगें और S तरंगें, P तरंगों की गति के कारण चट्टान के कण तरंगों की दिशा में आगे-पीछे होने लगते हैं, S तरंगें P तरंगों की तुलना में धीमी गति से चलती हैं और चट्टानों को ऊपर-नीचे और बाएँ-दाएँ हिलाती हैं, ये तरंगें केवल ठोस पदार्थों में ही गति करती हैं.

भूकंप की तीव्रता मापने का पैमाना

भूकंप की तीव्रता दो मुख्य पैमानों पर मापी जाती है -

1. रिक्टर पैमाना - यह वैज्ञानिकों द्वारा उपयोग किया जाने वाला पैमाना है जो भूकंप से निकलने वाली ऊर्जा को मापता है, रिक्टर पैमाने पर माप 0 से 10 तक जाता है लेकिन 8 से अधिक तीव्रता वाले भूकंप बहुत दुर्लभ होते हैं.

2. मर्केली तीव्रता पैमाना - यह पैमाना लोगों द्वारा अनुभव किए गए भूकंप के प्रभाव को मापता है, यह 1 से 12 तक जाता है जहां 1 काफी कम और 12 विनाशकारी होता है.

सरल शब्दों में - रिक्टर पैमाना कितना शक्तिशाली है यह बताता है, मर्केली तीव्रता पैमाना कितना प्रभावित करता है यह बताता है.

भूकंप कहाँ आते हैं?

पृथ्वी पर भूकंप कहाँ-कहाँ आते हैं, यह जानना ज़रूरी है ताकि हम इन प्राकृतिक आपदाओं के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें, अधिकांश भूकंप इन निम्नलिखित क्षेत्रों में आते हैं -

अग्नि वलय - प्रशांत महासागर के किनारे स्थित यह क्षेत्र पृथ्वी पर सबसे अधिक भूकंपीय रूप से सक्रिय है, यहाँ 68% से अधिक भूकंप आते हैं, इस क्षेत्र में टेक्टोनिक प्लेटें एक दूसरे से टकराती हैं, जिसके कारण भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते हैं.

भूमध्यसागरीय पर्वत श्रृंखला - यह पर्वत श्रृंखला मैक्सिको से शुरू होकर अटलांटिक महासागर, भूमध्य सागर, आल्प्स, काकेशस और हिमालय तक फैली हुई है, यहाँ लगभग 21% भूकंप आते हैं.

अफ्रीकी दरार घाटियाँ - ये दरार घाटियाँ अफ्रीकी महाद्वीप को चीरती हुई गुजरती हैं, इनमें भी कुछ भूकंप आते हैं.

भारत में - भारत में भूकंप गतिविधि के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों में हिमालय पर्वत, उत्तर पूर्व भारत, कच्छ, रत्नागिरी के आसपास पश्चिमी तट एवं अंडमान और निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं.

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि भूकंप कहीं भी आ सकते हैं, लेकिन यह क्षेत्र सबसे अधिक खतरे में हैं.

भूकंप के विनाशकारी प्रभाव

भूकंप धरती के कंपन से उत्पन्न विनाशकारी प्राकृतिक आपदा है जिनके भयानक परिणाम हो सकते हैं -

भूकंप के विनाशकारी प्रभाव

जान-माल का भारी नुकसान - भूकंप से इमारतों और घरों का ढहना मृत्यु और चोटों का प्रमुख कारण बनता है, मलबे में फंसे लोगों को बचाने में देरी भी जान-माल का नुकसान बढ़ाती है.

बुनियादी ढांचे का क्षय - भूकंप से सड़कें, पुल, रेलवे लाइनें, बिजली लाइनें, संचार टावर और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त या ध्वस्त हो सकते हैं, यह व्यापक व्यवधान पैदा करता है, जिससे आपातकालीन सेवाओं तक पहुंचना और मरम्मत कार्य करना मुश्किल हो जाता है.

पर्यावरणीय विनाश - भूकंप से भूस्खलन, बाढ़ और सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाएं हो सकती हैं, ये घटनाएं वनस्पतियों और जीवों को नुकसान पहुंचा सकती हैं, मिट्टी के क्षरण और प्रदूषण का कारण बन सकती हैं और भूजल संसाधनों को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं.

सामाजिक तबाही - भूकंप परिवारों और समुदायों को तोड़ सकते हैं, बेघर हुए लोगों को आश्रय, भोजन और चिकित्सा देखभाल तक पहुंचने में कठिनाई हो सकती है, भूकंप से मनोवैज्ञानिक आघात भी हो सकता है, जिसके लिए दीर्घकालिक सहायता की आवश्यकता होती है.

भूकंप से बचने के उपाय (Bhukamp Se Bachne Ke Upay)

भूकंप प्राकृतिक आपदाएं हैं जिनके विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं, जान-माल का नुकसान रोकने के लिए भूकंप से पहले, दौरान और बाद में कुछ सावधानियां बरतना महत्वपूर्ण है -

भूकंप से पहले

अपने घर को सुरक्षित बनाएं - भारी वस्तुओं को दीवारों से दूर रखें, फर्नीचर को मजबूत करें और दरारों तथा क्षतिग्रस्त नींव जैसी किसी भी संरचनात्मक कमजोरियों की मरम्मत करवाएं.


आपातकालीन योजना बनाएं - एक योजना बनाएं जिसमें परिवार के सदस्यों के लिए मिलने का स्थान, आपातकालीन संपर्क जानकारी और आपूर्ति किट शामिल हो.

भूकंप किट तैयार करें - इसमें भोजन, पानी, प्राथमिक चिकित्सा किट, टॉर्च, बैटरी और अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल होनी चाहिए.

भूकंप अभ्यास - अपने परिवार के साथ भूकंप अभ्यास करें ताकि आप जान सकें कि भूकंप के दौरान क्या करना है.

भूकंप के दौरान

शांत रहें और घबराएं नहीं - भूकंप के दौरान शांत रहना और सोच-समझकर काम करना महत्वपूर्ण है.


यदि आप अंदर हैं - यदि आप भवन के अंदर हैं तो किसी मजबूत मेज या अन्य फर्नीचर के नीचे बैठें और अपने सिर और गर्दन को अपनी बाहों से ढकें, खिड़कियों, दर्पण और बुककेस जैसी गिरने वाली वस्तुओं से दूर रहें.

यदि आप बाहर हैं - यदि आप बाहर हैं तो खुले क्षेत्रों में जाने से बचें, इमारतों, बिजली लाइनों और पेड़ों से दूर रहें, जमीन पर लेट जाएं और अपने सिर को अपनी बाहों से ढकें.

यदि आप गाड़ी चला रहे हैं - यदि आप गाड़ी चला रहे हैं तो धीरे से रुकें और एक सुरक्षित जगह पर खड़े हो जाएं, पुलों, ओवरपास और ऊंची इमारतों से दूर रहें.

भूकंप के बाद

घायलों की मदद करें - यदि आप सुरक्षित हैं तो घायलों की मदद करें, यदि आप प्राथमिक चिकित्सा में प्रशिक्षित हैं, तो सहायता प्रदान करें.


आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करें - यदि आवश्यक हो तो पुलिस या एम्बुलेंस को कॉल करें.

अपने घर का निरीक्षण करें - अपने घर को किसी भी क्षति के लिए जांचें.

अपने परिवार और दोस्तों से संपर्क करें - सुनिश्चित करें कि आपके परिवार और दोस्त सुरक्षित हैं.

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FAQ Section: Bhukamp kya hai or kaise aata hai हिन्दी में

प्रश्न - भूकंप का अवकेंद्र किसे कहा जाता है ?
उत्तर - भूकंप के उद्गम केंद्र जहां से भूकंप की ऊर्जा निकलती है और तरंगों का निर्माण होता है उसे भूकंप का उद्गम केंद्र या अवकेंद्र कहा जाता है.

प्रश्न - भूकंप का अधिकेंद्र किसे कहते हैं ?
उत्तर - भूकंप का अधिकेंद्र पृथ्वी की सतह पर वह बिंदु होता है, जहां भूकंपीय तरंगे सर्वप्रथम पहुंचती हैं, यह अवकेंद्र के ठीक ऊपर होता है और यहां पर सर्वाधिक विनाश भी होता है.

प्रश्न - भूकंप की तीव्रता किसमें मापी जाती हैं ?
उत्तर - भूकंप की तीव्रता सिस्मोग्राफ यंत्र द्वारा मापी जाती हैं और भूकंप को मापने वाली स्केल का नाम रिएक्टर स्केल हैं.

प्रश्न -भारत में भूकंप के कितने जोन हैं ?
उत्तर - भारत में भूकंप (Bhukamp) के चार प्रमुख जोन हैं, इनका वर्गीकरण जोन 2 से जोन 5 तक है.

अंत में: भूकंप क्या है और भूकंप कैसे आता है?

भूकंप विनाशकारी प्राकृतिक आपदाएँ हैं जो जान-माल का भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं, इस लेख में आपने जाना कि भूकंप क्या है, भूकंप कैसे आते हैं, भूकंप के विभिन्न कारण, भूकंप के प्रकार, भूकंप के समय होने वाली घटनाएं और भूकंप से बचाव के तरीके आदि.

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