लौंग के फायदे और नुकसान (Laung)

Sandeep
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लौंग, भारतीय संस्कृति का एक अभिन्न अंग, सदियों से हमारे व्यंजनों और चिकित्सा पद्धतियों में अपना महत्वपूर्ण स्थान रखता है, इसकी तीखी सुगंध और स्वाद न केवल भोजन को स्वादिष्ट बनाते हैं, बल्कि इसके अनेक औषधीय गुण भी इसे स्वास्थ्य का खजाना बनाते हैं.

इस लेख में, हम लौंग के फायदे और नुकसान के बारे में विस्तार से जानेंगे, हम यह जानेंगे कि लौंग हमारे स्वास्थ्य के लिए कैसे गुणकारी हैं और इसका उपयोग कैसे किया जा सकता है.

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लौंग क्या है (Laung kya hai)

लौंग, Myrtaceae कुल के Syzygium aromaticum नामक सदाबहार पेड़ की सूखी हुई अपरिपक्व कलिकाएं हैं, ये मसाले के रूप में उपयोग किए जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण पदार्थों में से एक हैं.

Laung kya hai

लौंग की विशेषताएं

लौंग 1-2 सेंटीमीटर लंबी और 5-10 मिलीमीटर व्यास में और 2-3 मिलीमीटर मोटी होती हैं, इसका रंग गहरा भूरा होता है, जो थोड़ा लाल रंग का भी हो सकता है, लौंग का आकार कैमोमाइल जैसा होता है, जिसके एक सिरे पर दो शाखाएं होती हैं, इसमें तीखी और सुगंधित गंध होती है और इसका स्वाद तीखा, कड़वा और गर्म होता है.


लौंग में पाए जाने वाले पोषक तत्व

लौंग विटामिन A, C, E और K से भरपूर होता है, यह मैंगनीज, पोटेशियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम, फास्फोरस और सोडियम जैसे खनिजों से युक्त होता है, इसके अलावा लौंग में फाइबर, यूजेनॉल, गेलिक एसिड और रोज़मेरिनिक एसिड भी होते हैं.


लौंग के फायदे (Laung Ke Fayde)

लौंग, सदियों से इस्तेमाल होता आ रहा एक लोकप्रिय मसाला है, जो न सिर्फ व्यंजनों में स्वाद और खुशबू भरता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी अनेक लाभकारी गुणों से युक्त है.

लौंग के फायदे

ओरल हेल्थ के लिए
लौंग की कलियाँ मुंह में पनपने वाले सूक्ष्मजीवों (ओरल माइक्रोऑर्गेनिज्म) को 75 प्रतिशत तक कम कर सकती हैं, यही कारण है कि अधिकांश टूथपेस्ट में लौंग का इस्तेमाल किया जाता है.

मसूड़ों में संक्रमण पेरियोडोंटल रोगजनकों के कारण होता है, इन जीवाणुओं से बचाव के लिए, आप तुलसी, टी ट्री ऑयल और लौंग से बना घरेलू माउथवॉश इस्तेमाल कर सकते हैं, यह विभिन्न पेरियोडोंटल रोगजनकों से बचाव करता है.

दांत दर्द से राहत पाने के लिए लौंग बहुत फायदेमंद मानी जाती है, लौंग में मौजूद यूजेनॉल दांत दर्द को कम करने में मदद करता है और यह दांतों को प्लाक और क्षय से भी बचाता है.

सर्दी-खांसी
लौंग के गुणों में खांसी और सर्दी से बचाव भी शामिल है, लौंग में एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव होता है जो सर्दी और खांसी के लक्षणों को कम करने में मदद करता है, यह एक कफ निस्सारक के रूप में भी काम करता है, जो बलगम को पतला करके और इसे मुंह से बाहर निकालकर ऊपरी श्वसन मार्ग को साफ करता है.

डायबिटीज
लौंग के सेवन से मधुमेह को कुछ हद तक नियंत्रित किया जा सकता है, मधुमेह एक चिकित्सीय स्थिति है जिसमें रक्त में शर्करा (ग्लूकोज) का स्तर बढ़ जाता है, लौंग रक्त शर्करा को कम करके मधुमेह के नियंत्रण में मदद कर सकती हैं.

लौंग में एंटीहाइपरग्लाइसेमिक, हाइपोलिपिडेमिक और हेपेटोप्रोटेक्टिव गुण होते हैं, यह मधुमेह की समस्या को कम करने के साथ-साथ लिपिड (वसा) के स्तर को भी नियंत्रित करने और लीवर (यकृत) को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं.

सूजन से लड़ने के लिए
लौंग सूजन से लड़ने में भी मददगार हो सकती है, इसमें यूजेनॉल नामक एक यौगिक होता है जो शरीर में सूजन-रोधी एजेंट के रूप में काम करता है, यह यौगिक सूजन के कारण होने वाली बीमारियों और त्वचा संबंधी समस्याओं से बचाव में भी फायदेमंद हो सकता है.

पाचन के लिए
लौंग पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है, यह शरीर के पाचक एंजाइमों को उत्तेजित करके और आंत में सूजन को कम करके करता है.

लौंग पेट फूलना, गैस, अपच, मतली, दस्त और उल्टी जैसी पाचन समस्याओं के लक्षणों से राहत दिलाने में भी मददगार हो सकता है, इसके अतिरिक्त, लौंग या लौंग का तेल पेप्टिक अल्सर के लक्षणों को कम करने में भी प्रभावी हो सकता है.

लौंग का तेल गैस्ट्रिक म्यूकोसा (पेट की अंदरूनी परत) को मजबूत करने में मदद कर सकता है, जिससे पेट में जलन और अल्सर से बचाता है.

वजन घटाने के लिए
लौंग वजन कम करने में भी मदद कर सकता है, वजन को नियंत्रित करने के लिए पौष्टिक आहार के साथ साथ लौंग का नियमित रूप से सेवन किया जा सकता है.

लौंग में मौजूद सक्रिय यौगिक आइसोसायनिन वजन घटाने में मदद कर सकता है, यह यौगिक मेटाबोलिज्म को तेज करने में सहायक है जिससे शरीर को अधिक कैलोरी प्रबंधित करने की क्षमता मिलती है.

हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि लौंग का प्रभाव व्यक्ति पर निर्भर करता है और यह सभी के लिए समान रूप से प्रभावी नहीं हो सकता है, वजन कम करने के लिए, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना सबसे महत्वपूर्ण है.

स्ट्रेस के लिए 
लौंग में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो तनाव के कारण होने वाले हानिकारक परिवर्तनों को रोकने में मदद कर सकते हैं, लौंग में मौजूद एंटी-स्ट्रेस गुण तनाव को कम करने में सहायक होते हैं.

लौंग का तेल रक्त संचार को बढ़ावा दे सकता है और मानसिक और शारीरिक थकान को कम करने में मदद कर सकता है, इसके अतिरिक्त, यह अनिद्रा, स्मृति हानि, चिंता और अवसाद के लक्षणों को कम करने में भी लाभदायक हो सकता है.

सिरदर्द और दांत दर्द में
लौंग का उपयोग पारंपरिक रूप से सिरदर्द और दांत दर्द से राहत पाने के लिए किया जाता रहा है, लौंग में एनाल्जेसिक गुण होते हैं जो दर्द को कम करने में मदद कर सकते हैं.

लौंग का तेल भी दांत दर्द और सिरदर्द में राहत दिलाने में मददगार हो सकता है, दांत दर्द के लिए, लौंग के तेल को प्रभावित दांत पर लगाया जा सकता है, सिरदर्द के लिए लौंग के तेल को सूंघा जा सकता है या माथे पर लगाया जा सकता है.

लिवर के लिए
कुछ शोधों से पता चलता है कि लौंग का पानी पीने से पेरासिटामोल के कारण होने वाली लीवर की क्षति को कम करने में मदद मिल सकती है, यह साइटोप्लाज्मिक एंजाइमों की गतिविधि को बढ़ाकर ऐसा कर सकता है, जो लीवर को डिटॉक्सीफाई करने में मदद करते हैं.

हड्डियों के लिए
लौंग हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मददगार हो सकती हैं, क्योंकि इनमें खनिज, मैंगनीज होता है जो हड्डियों के घनत्व और मजबूती को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

एक अध्ययन से पता चला है कि लौंग के अर्क में पाया जाने वाला यूजेनॉल हड्डियों को नुकसान से बचाने में मदद कर सकता है.

अस्थमा के लिए
लौंग में यूजेनॉल नामक एक यौगिक होता है, जिसे कुछ अध्ययनों में अस्थमा के लक्षणों को कम करने में मददगार पाया गया है, यूजेनॉल में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो वायुमार्ग की सूजन और जलन को कम करने में मदद कर सकते हैं.

लौंग के तेल की सुगंध नासिका मार्ग को खोलने और अस्थमा, खांसी, सर्दी, साइनस और ब्रोंकाइटिस जैसी श्वसन समस्याओं से राहत दिलाने में मदद कर सकती है.

कान दर्द के लिए
लौंग के तेल का उपयोग कान दर्द के लिए किया जा सकता है क्योंकि इसमें दर्द निवारक और संवेदनाहारी प्रकृति होती है, जो थोड़े समय के लिए दर्द की अनुभूति को कम या खत्म कर सकता है.

लौंग के तेल को अन्य तेल के साथ मिलाकर रुई की मदद से Ear Canal (कान के द्वार) के पास रखा जाता है, इससे दर्द कम होता है और कान के संक्रमण से भी राहत मिल सकती है.

लौंग का उपयोग

लौंग, एक सुगंधित मसाला, दैनिक जीवन में कई तरह से उपयोगी है, इसका उपयोग स्वादिष्ट व्यंजन बनाने, स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने और घरेलू उपचारों में करने के लिए किया जाता है.

ध्यान रखें कि अधिक मात्रा में सेवन हानिकारक हो सकता है, एक दिन में दो या तीन से अधिक लौंग का सेवन न करें.

दांत दर्द और मसूड़ों की सूजन - लौंग के तेल को पतला करके ही दांत दर्द और मसूड़ों की सूजन में मालिश करें, 1 बूंद लौंग के तेल को 1 चम्मच नारियल के तेल या बादाम के तेल में मिलाकर प्रयोग करें.

गले की खराश और सर्दी-जुकाम - गले की खराश और सर्दी-जुकाम में लौंग वाली चाय पीना लाभकारी होता है, 1 कप गर्म पानी में 1-2 लौंग, 1/2 इंच अदरक का टुकड़ा और 1 चम्मच शहद मिलाकर चाय बनाएं.

तनाव कम करना - तनाव कम करने के लिए लौंग के तेल से शांतिपूर्ण मालिश करेंं, 5-7 बूंद लौंग के तेल को 1 चम्मच नारियल के तेल या बादाम के तेल में मिलाकर हल्के हाथों से माथे पर गोलाकार गति में मालिश करें, आप चाहें तो शिरोदारा भी कर सकते हैं.

लौंग का तेल बनाने की विधि

लौंग का तेल आप घर पर ही बहुत आसानी से बना सकते हैं, लौंग का तेल बनाने की विधि इस प्रकार है - 


सामग्री -

12-15 साबुत लौंग या 1 चम्मच लौंग पाउडर, 100 ml जैतून का तेल.


बनाने की विधि -
सबसे पहले एक कांच की बोतल में जैतून का तेल डालें, फिर इसमें साबुत लौंग या लौंग का पाउडर डालें, ऐसा करने के बाद बोतल का ढक्कन बंद कर दें, अब इसे करीब 14 से 15 दिनों तक ऐसे ही छोड़ दें, लौंग के गुण जैतून के तेल में समा जाएंगे और लौंग का तेल इस्तेमाल करने लायक हो जाएगा.

आप चाहें तो साबुत लौंग या लौंग का पाउडर बोतल से छान कर निकाल सकते हैं, नहीं तो उन्हीं के साथ भी तेल इस्तेमाल किया जा सकता है.

लौंग को लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखें

लौंग की कलियाँ सालों तक खराब नहीं होती हैं, इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए कोई खास जतन करने की आवश्यकता नहीं पड़ती है. सिर्फ बस लौंग को धूप से दूर किसी हवाबंद डब्बे में रखें, इससे लौंग की खुशबू बरकरार रहती है और उसमें नमी नहीं आती है.


लौंग के फायदे और नुकसान दोनों हैं, अब तक आपने लौंग के फायदों के बारे में जाना, अब बात करते हैं कि लौंग के नुकसान क्या हैं.

लौंग के नुकसान

नियमित रूप से दो या तीन लौंग खाने से कई फायदे होते हैं, लेकिन इसका अधिक सेवन करने से रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है, आंखों में जलन या चुभन, त्वचा की एलर्जी, कोमा और जिगर की बीमारी जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

लौंग के अधिक सेवन से पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन नामक हार्मोन कम हो सकता है, महिलाओं को गर्भावस्था में इसका सेवन नहीं करना चाहिए, लौंग का अधिक उपयोग विषाक्तता का कारण बन सकती है.

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FAQ for Laung ke fayde or nuksan

प्रश्न - लौंग गर्म होती है या ठंडी?
उत्तर - लौंग शरीर को गर्म रखने में मदद करता है, इसकी गर्म तासीर यूजेनॉल नामक एंटीऑक्सीडेंट और जीवाणुरोधी गुणों के कारण होती है.

प्रश्न - लॉन्ग कब नहीं खाना चाहिए?
उत्तर - लौंग में गर्म तासीर होती है, इसलिए गर्मी के मौसम में इनका सेवन कम मात्रा में करना चाहिए, अधिक मात्रा में सेवन करने से शरीर का तापमान बढ़ सकता है और अपच, पेट दर्द, और दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

प्रश्न - क्या लौंग का सेवन पुरुषों के लिए फायदेमंद है?
उत्तर - जी हां, लौंग का सीमित सेवन फायदेमंद है, लौंग में यूजेनॉल नामक यौगिक होता है, जो टेस्टोस्टेरोन के उत्पादन को बढ़ा सकता है, टेस्टोस्टेरोन एक महत्वपूर्ण पुरुष हार्मोन है जो यौन इच्छा, शुक्राणु उत्पादन और मांसपेशियों के विकास में भूमिका निभाता है.

निष्कर्ष: लौंग के फायदे और नुकसान

लौंग न केवल एक स्वादिष्ट मसाला है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी अनेक लाभ प्रदान करता है, इसका उपयोग विभिन्न तरीकों से किया जा सकता है और यह समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है.

इस लेख में आपने जाना है कि लौंग का उपयोग स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए कैसे किया जा सकता है, लेकिन यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि लौंग का सेवन सभी के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता है, यदि आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है तो कृपया डॉक्टर से सलाह लें.

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