पसीना क्या है और शरीर से पसीने की बदबू क्यों आती है?

Sandeep
1
​पसीना आना वास्तव में शरीर की एक जटिल और महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, यह न केवल हमें ठंडा रखने में मदद करता है बल्कि यह हमारे स्वास्थ्य के बारे में भी कई जानकारी देता है.

इस लेख में हम बात करेंगे कि पसीना क्या है, पसीना क्यों आता है, अधिक पसीना आने का कारण क्या है और इसका आयुर्वेदिक इलाज क्या है, इसके साथ ही हम जानेंगे कि शरीर से पसीने की Smell क्यों आती है और इसका उपचार क्या है आदि.

तो चलिए बिना किसी देरी के शुरू करते हैं यह लेख और जानते हैं कि पसीना क्या है और शरीर से पसीने की बदबू क्यों आती है? पर यह महत्वपूर्ण जानकारी.

TOC

पसीना क्या है? (PaSina kya hai)

पसीना, जिसे स्वेद भी कहा जाता है, त्वचा में स्थित ग्रंथियों से निकलने वाला एक जैविक तरल पदार्थ है, यह मुख्य रूप से पानी (99%) से बना होता है, जिसमें थोड़ी मात्रा में इलेक्ट्रोलाइट्स (जैसे सोडियम, क्लोराइड, पोटेशियम), मेटाबॉलिक अपशिष्ट उत्पाद (जैसे यूरिया, लैक्टिक एसिड), और एंटीबायोटिक होते हैंं.

पसीना क्या है?

पसीना क्यों आता है

पसीना आना शरीर का एक प्राकृतिक और महत्वपूर्ण कार्य है, यह शरीर को ठंडा रखने, विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने और त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है.

पसीना कहां कहां आता है?

पसीना त्वचा में स्थित पसीने की ग्रंथियों (sweat glands) से आता है, ये ग्रंथियां पूरे शरीर में मौजूद होती हैं लेकिन सबसे अधिक मात्रा में बगल, माथे, हथेलियों और पैरों में पाई जाती हैं. पसीने की ग्रंथियां दो मुख्य प्रकार की होती हैंं - 

एक्राइन ग्रंथियां (Eccrine glands) - ये शरीर में सबसे अधिक पाई जाने वाली पसीने की ग्रंथियां हैं, ये पानी, इलेक्ट्रोलाइट्स और एंटीबायोटिक युक्त पतला, गंधहीन पसीना उत्पन्न करती हैं.

एपोक्राइन ग्रंथियां (Apocrine glands) - ये ग्रंथियां बगल, गुप्तांग और पलकों में पाई जाती हैं, ये मोटा, चिकना पसीना उत्पन्न करती हैं जिसमें प्रोटीन और अन्य कार्बनिक यौगिक होते हैं, यह पसीना बैक्टीरिया द्वारा विघटित होने पर शरीर की गंध पैदा करता है.

पसीना चिपचिपा क्यों होता है

असल में, पसीने में पानी के साथ-साथ नमक और दूसरे मिनरल भी होते हैं, जब ये पसीने की बूंदें सूखती हैं तो ये मिनरल पीछे रह जाते हैं और चिपचिपाहट पैदा करते हैं.

इसके अलावा, हमारी त्वचा पर थोड़ा सा तेल और मृत त्वचा कोशिकाएं भी होती हैं, जब पसीना इनके साथ मिलता है तो मिश्रण और भी चिपचिपा हो जाता है. यही कारण है कि गर्मी में ज़्यादा पसीना आने पर, या व्यायाम करने के बाद हमें चिपचिपाहट महसूस होती है.

क्या पसीना आना सेहतमंद है?

पसीना निकलना शरीर का खुद को स्वस्थ रखने का प्राकृतिक तरीका है, जब हमारा शरीर गर्म होता है तो पसीने की ग्रंथियां तरल पदार्थ का उत्पादन करती हैं, जो त्वचा की सतह पर आकर वाष्पित हो जाता है, यह वाष्पीकरण शरीर से गर्मी को दूर करता है और हमें ठंडा रखने में मदद करता है. पसीने के अनेक स्वास्थ्य लाभ हैं -

शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है - व्यायाम या गर्म वातावरण के दौरान पसीना शरीर को अधिक गर्मी से बचाता है.

विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है - पसीने में यूरिया, सोडियम और क्लोराइड जैसे कुछ विषैले पदार्थ होते हैं जो पसीने के माध्यम से शरीर से बाहर निकल जाते हैं.

त्वचा को स्वस्थ रखता है - पसीना त्वचा को हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है और रोम छिद्रों को साफ करता है जिससे मुंहासे और त्वचा संबंधी अन्य समस्याएं कम होती हैं.

व्यायाम प्रदर्शन में सुधार करता है - पसीना आपको ठंडा रखने और थकान को कम करने में मदद करता है जिससे आप बेहतर प्ररदर्शन कर सकते हैं.

रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करता है - पसीने में एंटीमाइक्रोबियल पेप्टाइड होते हैं जो संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं.

क्या ठंडे तापमान में भी पसीना आ सकता है

हाँ, ठंडे तापमान में भी पसीना आ सकता है, इसके कई कारण हो सकते हैं -

1. थर्मोस्टेटिक समायोजन
हमारा शरीर तापमान को नियंत्रित करने के लिए पसीने का उत्पादन करता है, जब हम ठंडे वातावरण में प्रवेश करते हैं, तो शरीर तापमान बढ़ाने के लिए कांपता है, इस प्रक्रिया में थोड़ा पसीना आ सकता है.

2. गर्म कपड़े
अगर हम ठंड में बहुत अधिक गर्म कपड़े पहनते हैं तो शरीर ज़्यादा गरम हो सकता है, जिससे पसीना आ सकता है.

3. शारीरिक गतिविधि
ठंडे मौसम में भी व्यायाम या शारीरिक गतिविधि करने से पसीना आता है.

4. तनाव या चिंता
तनाव या चिंता के दौरान शरीर "लड़ो या भागो" प्रतिक्रिया के लिए सक्रिय करता है, जिसके परिणामस्वरूप हृदय गति और रक्तचाप बढ़ जाता है जिस कारण पसीना आ सकता है.

5. कुछ दवाएं और चिकित्सीय स्थितियां
अत्यधिक पसीना, जिसे हाइपरहाइड्रोसिस भी कहा जाता है, एक आम समस्या है जो विभिन्न कारकों के कारण हो सकती है, कुछ दवाएं और चिकित्सीय स्थितियां पसीने में वृद्धि का कारण बन सकती हैं.

6. ठंडे तापमान में भी गर्म महसूस करना
कुछ लोगों को ठंडे तापमान में भी गर्मी महसूस होती है, जिससे उन्हें पसीना आ सकता है, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ठंडे तापमान में पसीना आना आमतौर पर चिंता का कारण नहीं है.

अत्यधिक पसीना आने का क्या कारण है?

अत्यधिक पसीना तब आता है जब कोई पीनियल या थायरॉयड ग्रंथि डिसऑर्डर, मधुमेह मेलेटस, मेनोपॉज़ल, बुखार, चिंता और हृदय रोग आदि जैसी किसी बीमारी से पीड़ित होता है.

लेकिन कई बार बिना किसी बीमारी के भी अधिक पसीना आ सकता है, यह मुख्य रूप से तब होता है जब पसीने की ग्रंथियों को ट्रिगर करने वाली नसें अति सक्रिय हो जाती हैं.

कई बार अधिक दवाईयों के सेवन से शरीर में गर्मी हो जाती है जिससे शरीर से अधिक पसीना आने लगता है, इसके अलावा अत्यधिक पसीने का एक मुख्य कारण शरीर में पित्त का बढ़ना भी होता है.

अत्यधिक पसीना आने का आयुर्वेदिक उपचार

शरीर में पित्त दोष को संतुलित करने से अत्यधिक पसीना, शरीर की गर्मी, शरीर की गंध के साथ-साथ शरीर में जलन को कम करने में काफी मदद मिल सकती है, जिसके लिए आप निम्न उपचार अपनाएं -

• धनिये के बीज लें और उन्हें पीस लें, फिर एक बर्तन में थोड़ा पानी लें और उसमें धनिया के बीज का पाउडर मिलाएं, इसे रात भर के लिए छोड़ दें, इस पानी को सुबह खाली पेट पिएं.

• एक चम्मच खसखस ​​को 2 लीटर पानी में 20 से 25 मिनट तक उबालें और फिर इसे छानकर किसी बोतल या बर्तन में रख लें, पूरे दिन सादे पानी की जगह इस पानी को पिएं.

• रात को 8-10 किशमिश पानी में भिगो दें और सुबह खाली पेट इसका सेवन करें. 

• कड़वे और कसैले फूड्स को डाइट में शामिल करें.

• सफेद चंदन का पेस्ट बनाएं और इसे अपने शरीर के उन हिस्सों पर लगाएं जहां से अत्यधिक पसीना आता है.

शरीर से पसीने की बदबू क्यों आती है?

कुछ लोगों को अनुभव होता है कि उनके शरीर से आने वाली गंध दूसरों की तुलना में अधिक तीखी होती है, इसे आम भाषा में पसीने की बदबू कहा जाता है, यह गंध शरीर पर गंध पैदा करने वाले बैक्टीरिया की उपस्थिति के कारण होती हैै.

शरीर से पसीने की बदबू क्यों आती है?

हमारी त्वचा में लाखों सूक्ष्मजीव मौजूद होते हैं, जिनमें बैक्टीरिया भी शामिल हैं ये बैक्टीरिया एपोक्राइन ग्रंथियों द्वारा स्रावित पसीने में मौजूद प्रोटीन और वसा को अपना भोजन बनाते हैंं, शरीर के बालों वाले और नम भागों, जैसे कि बगल, कमर और पैरों में इन बैक्टीरियाओं की संख्या अधिक होती है.

यह पसीना, जो कि गंधहीन होता है, इन बैक्टीरियाओं द्वारा विभिन्न प्रकार की दुर्गंधयुक्त गंधों में बदल दिया जाता है, यही गंध शरीर की दुर्गंध का कारण बनती है.

शरीर से पसीने की बदबू आने के मुख्य कारण

शरीर से दुर्गंध आने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें प्रमुख हैं -

आहार - सल्फर युक्त भोजन, जैसे प्याज और लहसुन, शरीर की दुर्गंध का एक मुख्य कारण हो सकते हैं.

बढ़ती उम्र - जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, एपोक्राइन ग्रंथियां अधिक सक्रिय हो जाती हैं, जिससे पसीने की मात्रा और दुर्गंध भी बढ़ सकती है

आनुवंशिकता - कुछ लोगों में जीन होते हैं जो उन्हें अधिक गंध पैदा करने वाले जीवाणुओं के प्रति संवेदनशील बनाते हैं, जिसके कारण उन्हें अधिक पसीने की बदबू का अनुभव हो सकता हैै.

स्वच्छता - नियमित रूप से स्नान न करना और पसीने वाले कपड़े पहनना पसीने की बदबू को बढ़ा सकता हैै.

अस्वास्थ्यकर जीवनशैली - धूम्रपान, शराब का सेवन और तनाव भी शरीर की दुर्गंध में योगदान कर सकते हैं.

शरीर से पसीनें की बदबू दूर करने के उपचार और रोकथाम

नियमित रूप से स्नान करें - दिन में कम से कम एक बार, खासकर गर्मियों में स्नान करें.

साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं - बगल, कमर, पैर और नाभि जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दें.

एंटी-बैक्टीरियल साबुन का इस्तेमाल करें - एंटी-बैक्टीरियल साबुन गंध पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म करने में सहायक होता हैै.

डिओडोरेंट या एंटीपर्सपिरेंट का उपयोग करें - डिओडोरेंट या एंटीपर्सपिरेंट पसीने और गंध को नियंत्रित करने में मदद करते हैैं.

सूती कपड़े पहनें - सूती कपड़े पहनें जो पसीने को सोखने और हवा को शरीर से गुजरने देने में बेहतर होते हैं.

स्वस्थ आहार लें - ज्यादा फल, सब्जियां और साबुत अनाज खाएं, मसालेदार, तले हुए और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें.

पानी भरपूर मात्रा में पिएं - यह शरीर को हाइड्रेटेड रखने और पसीने को कम करने में मदद करता है.

तनाव कम करें - तनाव पसीने और गंध को बढ़ा सकता है. योग, ध्यान या गहरी सांस लेने के व्यायाम का अभ्यास करें.

धूम्रपान छोड़ दें -  धूम्रपान से शरीर की गंध बढ़ सकती है.

अत्यधिक शराब का सेवन न करें - शराब से पसीना और गंध बढ़ सकती है.

शरीर से पसीनें की बदबू को दूर करने के 7 घरेलू उपाय

शरीर से पसीनें की बदबू को हटाने के इन घरेलू उपायों को अपनाकर आप शरीर की दुर्गंध को दूर कर सकते हैं - 

1. नींबू का रस
नींबू में प्राकृतिक एंटीसेप्टिक और जीवाणुनाशक गुण होते हैं जो गंध पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मारने में मदद करते हैं.

• कुछ नींबू का रस निकाल लें और इसे छान लें.
• स्प्रे बोतल में भरकर, शरीर पर जहां-जहां पसीने की बदबू आती है वहां छिड़क लें.
• 5-7 मिनट बाद, त्वचा को साफ कपड़े से पोंछ लें.

2. बेकिंग सोडा
बेकिंग सोडा एक प्राकृतिक डियोडोराइज़र है जो पसीने की गंध को अवशोषित करने में मदद करता है.

• नहाने से पहले, थोड़ा सा बेकिंग सोडा अपने हाथों में लें और पानी मिलाकर पेस्ट बना लें.
• इसे अपनी बगल, पैर और अन्य क्षेत्रों पर लगाएं जहां पसीने की गंध आती है.
• 5-10 मिनट बाद, धो लें.

3. एप्पल साइडर विनेगर
एप्पल साइडर विनेगर में एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो गंध पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मारने में मदद करते हैं.

• 1 कप पानी में 1/4 कप एप्पल साइडर विनेगर मिलाएं,
• इस मिश्रण से नहाएं या इसे स्प्रे बोतल में भरकर शरीर पर छिड़कें.

4. नारियल तेल
नारियल तेल में एंटी-बैक्टीरियल और मॉइस्चराइजिंग गुण होते हैं जो त्वचा को हाइड्रेटेड रखने और गंध पैदा करने वाले बैक्टीरिया को पनपने से रोकने में मदद करते हैं.

• नहाने के बाद, थोड़ा सा नारियल तेल अपनी त्वचा पर लगाएं, खासकर उन क्षेत्रों पर जहां पसीने की गंध आती है.

5. चाय
काली चाय या हरी चाय में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो गंध पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मारने में मदद करते हैं.

• 1 कप गर्म पानी में 1 टी बैग डुबोकर 5 मिनट तक रखें.
• ठंडा होने दें और इस चाय से नहाएं या इसे स्प्रे बोतल में भरकर शरीर पर छिड़कें.

6. पुदीना
पुदीने में एंटी-बैक्टीरियल और ठंडा करने वाला प्रभाव होता है जो पसीने की गंध को कम करने में मदद करता है.

• मुट्ठी भर पुदीने की पत्तियों को पानी में उबालें.
• ठंडा होने दें और इस पानी से नहाएं.

7. लैवेंडर
लैवेंडर में एंटी-बैक्टीरियल और सुगंधित गुण होते हैं जो गंध पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मारने और शरीर को Fresh रखने में मदद करते हैं.

• कुछ बूंद लैवेंडर ऑयल को अपने नहाने के पानी में मिलाएं या इसे स्प्रे बोतल में भरकर शरीर पर छिड़कें.

ध्यान दें -
यदि आपको त्वचा में जलन या एलर्जी का अनुभव होता है तो तुरंत उपयोग बंद कर दें और डॉक्टर से सलाह लें.

यदि आपको शरीर की दुर्गंध की समस्या गंभीर है या घरेलू उपायों से फायदा नहीं होता है, तो डॉक्टर से सलाह लें.

यह लेख भी पढ़ें -

निष्कर्ष: पसीना क्या है और शरीर से पसीने की बदबू क्यों आती है?

पसीना, जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा है जो हमें कई रूपों में प्रेरित करता है, सिखाता है और स्वस्थ रखता है, इसलिए अगली बार जब आप पसीना महसूस करें तो उसे नकारात्मक रूप से न देखें, बल्कि इसे जीवनशक्ति और प्रेरणा का प्रतीक समझें.

इस लेख में आपने जाना कि पसीना क्या है, पसीना क्यों आता है, ज्यादा पसीना आने के क्या कारण हैं और इसका आयुर्वेदिक इलाज क्या है, इसके साथ ही आपने जाना कि शरीर से पसीने की बू क्यों आती है और इसका इलाज क्या है आदि.

तो दोस्तो यह थी जानकारी, Pasina kya hai or sharir se pasine ki badbu kyo aati hai? उम्मीद है आपको यह हिंदी लेख पसंद आया होगा. इस लेख को अपने दोस्तों के साथ साझा करके उन्हें भी पसीने से संबंधित इस रोचक जानकारी से अवगत कराएं.

एक टिप्पणी भेजें

1 टिप्पणियाँ
  1. Bhavesh Parihar8:39 pm

    पसीने के बारे में बहुत अच्छी जानकारी शेयर की गई है. हार्दिक धन्यवाद बेहतरीन जानकारी देने हेतु.

    जवाब देंहटाएं
एक टिप्पणी भेजें