सोयाबीन का दूध घर पर कैसे बनाएं (Soybean Milk)

Sandeep
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सोया दूध, प्रोटीन से भरपूर, गाय और भैंस के दूध का एक उत्कृष्ट विकल्प है, यह शाकाहारियों और लैक्टोज असहिष्णुता वाले लोगों के लिए आदर्श दूध है, बच्चों सहित सभी उम्र के लोगों के लिए Soy Milk अनेक स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है.

आइए बिना किसी देरी के इस लेख में जानते हैं कि सोयाबीन का दूध घर पर कैसे बनाएं.

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सोयाबीन का दूध घर पर कैसे बनाएं

सोयाबीन का दूध पौष्टिक होने के साथ-साथ घर पर बनाना किफायती भी है, 1 लीटर सोया दूध बनाने के लिए लगभग 100 ग्राम सोयाबीन की आवश्यकता होती है. भारत में सोयाबीन की औसत कीमत लगभग ₹50 प्रति किलोग्राम है.

सोयाबीन का दूध घर पर कैसे बनाएं

घर पर सोयाबीन का दूध बनाना बहुत आसान है और इसमें केवल 10-15 मिनट का समय लगता है, आपको बस कुछ सामग्री की आवश्यकता होती है.

सामग्री
  • 1 कप सूखे सोयाबीन
  • 4 कप पानी
  • 1 बड़ा चम्मच स्वीटनर (वैकल्पिक)
  • 1/4 चम्मच नमक

विधि
सोयाबीन को 8-12 घंटे के लिए पानी में भिगो दें, भिगोए हुए सोयाबीन को पानी से निकालकर मिक्सर में पीस लें, पिसे हुए सोयाबीन में 4 कप पानी डालकर अच्छी तरह मिला लें, मिश्रण को उबाल लें और झाग हटाते रहें, लगभग 10 मिनट तक उबालने के बाद, छान लें और ठंडा होने दें.

इस तैयार दूध को किसी कांच की बोतल या एयरटाइट प्लास्टिक कंटेनर में भरकर फ्रिज में रख दें, इसे आप 3-4 दिनों तक इस्तेमाल कर सकते हैं.

सोयाबीन के दूध का उपयोग

सोयाबीन के दूध का उपयोग कई तरह से किया जा सकता है, इसे सीधे पिया जा सकता है, अनाज, स्मूदी और कॉफी में इस्तेमाल किया जा सकता है, या सूप, स्टू, सॉस, बेक्ड वस्तुओं, दही और आइसक्रीम में गाय के दूध के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है.

मात्रा
आम तौर पर, स्वस्थ वयस्क प्रति दिन 1-2 कप (240-480 मिली) सोयाबीन दूध का सुरक्षित रूप से सेवन कर सकते हैं.

सोयाबीन के दूध के फायदे

सोयाबीन दूध में कई अन्य पोषक तत्व होते हैं जैसे कि मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम और विटामिन B12.

यह प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन D का एक अच्छा स्रोत है, जो हड्डियों, मांसपेशियों और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद करता है. इसमें वसा और कोलेस्ट्रॉल कम होता है, जो हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है.

सोयाबीन दूध में एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं जो कोशिकाओं को क्षति से बचाने में मदद करते हैं, यह फाइबर का भी अच्छा स्रोत है, जो पाचन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है.

सोयाबीन दूध के संभावित नुकसान

सोयाबीन के दूध के सेवन से जुड़े कुछ संभावित नुकसान भी हो सकते हैं, जब आप इस स्वादिष्ट पेय का सेवन करते हैं, तो इन नुकसानों के बारे में ध्यान रखें.

एलर्जी - यदि आपको सोयाबीन या किसी भी अन्य सामग्री से एलर्जी है तो इसका सेवन न करें.

पाचन समस्याएं - कुछ लोगों को सोयाबीन दूध से पेट फूलना, गैस या दस्त हो सकते हैं.

फाइटेट्स - सोयाबीन में फाइटेट्स होते हैं, जो खनिजों के अवशोषण में बाधा डाल सकते हैं.

थायराइड - यदि आपको थायराइड की समस्या है तो अपने डॉक्टर से बात करें.

ध्यान दें - यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये संभावित नुकसान सभी के लिए लागू नहीं होते हैं.

निष्कर्ष: सोयाबीन का दूध घर पर कैसे बनाएं

सोया बीन का दूध गाय के दूध का एक बेहतरीन विकल्प है, यह उन लोगों के लिए भी एक बढ़िया विकल्प है जिन्हें लैक्टोज एलर्जी या डेयरी उत्पादों से असहिष्णुता है.

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ध्यान दें कि यदि आप किसी भी स्वास्थ्य स्थिति के लिए दवा ले रहे हैं, तो Soybean Milk पीने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें.

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