कब्ज क्यों होती है? जानिए कब्ज होने के कारण, लक्षण और घरेलू उपचार

Sandeep
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कब्ज एक आम समस्या है जो सभी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकती है, यह तब होता है जब मल कठोर और सूखा हो जाता है और शौचालय से गुजरना मुश्किल हो जाता है, कब्ज कई कारकों के कारण हो सकता है, जिसमें आहार में बदलाव, निर्जलीकरण, व्यायाम की कमी और कुछ दवाएं शामिल हैं.

इस लेख में हम कब्ज के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करेंगे, जिसमें हम जानेंगे कि कब्ज क्या है, कब्ज के लक्षण, कब्ज क्यों होती है, कब्ज के कारण होने वाली समस्याएं, कब्ज के घरेलू इलाज/उपचार आदि. 

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कब्ज क्या है (kabj kya hota hai)

कब्ज, जिसे अंग्रेजी में constipation भी कहा जाता है, जो कि एक आम पाचन समस्या है जिसमें मल त्याग कम बार होता है और मल त्यागना मुश्किल हो जाता है, यह तब होता है जब मल कठोर और सूखा हो जाता है, जिससे उसे बाहर निकालना मुश्किल हो जाता है.

kabj kyo hoti hai

कब्ज के लक्षण

कब्ज के लक्षण व्यक्ति-व्यक्ति में भिन्न हो सकते हैं, लेकिन कुछ सामान्य लक्षण हैं जिन पर ध्यान देना ज़रूरी है, जिनमें प्रति सप्ताह तीन बार से कम मल त्याग करना, मल त्याग करने में कठिनाई, कठोर और सूखे मल, पेट में दर्द या ऐंठन, भूख कम लगना, थकान और सूजन शामिल हैंं.

ये सभी लक्षण हर व्यक्ति द्वारा अनुभव नहीं किए जाते हैं, कुछ लोगों को कब्ज के किसी भी लक्षण का अनुभव नहीं हो सकता है, जबकि अन्य को उपरोक्त लक्षणों में से कई का सामना करना पड़ सकता है.

कब्ज क्यों होती है (kabj kyo hoti hai)

कब्ज एक आम समस्या है जो किसी भी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकती है, कब्ज के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं -

आहार - कम फाइबर वाला आहार, कम पानी पीना और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन कब्ज का कारण बन सकता है.

जीवनशैली - व्यायाम की कमी, तनाव और नींद की कमी भी कब्ज में योगदान कर सकती है.

दवाएं - कुछ दवाएं, जैसे कि दर्द निवारक और एंटी-डिप्रेसेंट, कब्ज का कारण बन सकती हैं.

चिकित्सीय स्थितियां - कुछ चिकित्सीय स्थितियां, जैसे कि चिड़चिड़ा आंत्र सिंड्रोम (IBS) और हाइपोथायरायडिज्म, कब्ज का कारण बन सकती हैं.

गर्भावस्था - प्रेगनेंसी के दौरान हार्मोनल परिवर्तन कब्ज का कारण बन सकते हैं.

उम्र बढ़ना - जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं, हमारी आंतें धीमी गति से काम करती हैं, जिससे कब्ज का खतरा बढ़ जाता है.


कब्ज के कारण होने वाली समस्याएं

कब्ज सिर्फ मल त्याग में तकलीफ नहीं, बल्कि पेट दर्द, पेट में भारीपन, जी मिचलाना या उल्टी, सीने में जलन, गैस, अपच और भूख न लगने जैसी समस्याओं का कारण भी बन सकता है, गंभीर मामलों में कब्ज मल त्याग में रुकावट, रक्तस्राव और बवासीर जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है.


अब तक आपने जाना कि कब्ज क्या है, इसके लक्षण, कब्ज क्यों होती है और इससे क्या समस्याएं होती हैं, अब कब्ज से राहत पाने के उपाय भी जान लेते हैं.

कब्ज को रोकने के उपाय

कब्ज को रोकने के लिए आप कई उपाय कर सकते हैं, जिनमें पर्याप्त पानी पीना, फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन बढ़ाना और नियमित व्यायाम करना शामिल है, जब आपको मल त्याग की इच्छा हो तो तुरंत शौचालय जाएं और मल त्याग करने के बाद कुछ देर बैठें, तनाव कम करने के लिए योग और ध्यान जैसी तकनीकों का अभ्यास करें. दही, छाछ और किमची जैसे प्रोबायोटिक्स युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें, चाय, तेल और मसालेदार भोजन का सेवन सीमित करें, पर्याप्त नींद लेना भी कब्ज को रोकने में मददगार हो सकता है.


कब्ज से बचाव के घरेलू उपाय

कब्ज के घरेलू उपाय हैं जो कब्ज से राहत दिलाने और पाचन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं, यहाँ कुछ प्रभावी घरेलू उपाय दिए गए हैं.

पानी - रोजाना 8-10 गिलास पानी पीना कब्ज से राहत पाने का सबसे महत्वपूर्ण उपाय है, पानी मल को नरम करता है और मल त्याग को आसान बनाता है.

फाइबर - फल, सब्जियां और साबुत अनाज जैसे उच्च फाइबर वाले खाद्य पदार्थ का सेवन करें, फाइबर मल को बड़ा और भारी बनाता है, जिससे मल त्याग में आसानी होती है.

फल - पपीता, केला, अंगूर, सेब और संतरा जैसे फल फाइबर और पानी का अच्छा स्रोत हैं.

सब्जियां - पालक, मेथी, भिंडी, ब्रोकली और गाजर जैसी सब्जियां भी फाइबर से भरपूर होती हैं.

दही - दही में प्रोबायोटिक्स होते हैं जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं.

अलसी - अलसी के बीज में फाइबर और ओमेगा -3 फैटी एसिड होता है जो कब्ज से राहत दिलाने में मदद करता है.

गर्म पानी - सुबह खाली पेट गर्म पानी पीने से मल त्याग आसान हो जाता है.

व्यायाम - नियमित व्यायाम पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और कब्ज को रोकने में मदद करता है, जैसे कि तेज चलना, दौड़ना या तैरना.

योग - सूर्य नमस्कार, पवन मुद्रा और अर्ध मत्स्येन्द्रासन जैसे योगासन कब्ज से राहत दिलाने में मददगार होते हैं.

यदि उपरोक्त उपायों के बाद भी कब्ज की समस्या बनी रहती है, तो डॉक्टर से परामर्श करना महत्वपूर्ण है, वे आपके कब्ज के कारण का निदान कर सकेंगे और उचित उपचार योजना बना सकेंगे.

कब डॉक्टर से परामर्श करना महत्वपूर्ण है?

कब्ज के कुछ लक्षण गंभीर अंतर्निहित स्वास्थ्य स्थितियों का संकेत दे सकते हैं, यदि आपको निम्नलिखित में से कोई भी लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श करना महत्वपूर्ण हैै.

लगातार या गंभीर कब्ज - यदि आपको दो सप्ताह से अधिक समय तक कब्ज रहती है या यदि यह आपके दैनिक जीवन में हस्तक्षेप करती है, तो डॉक्टर से मिलना महत्वपूर्ण है.

खूनयुक्त मल - मल में रक्त मलाशय या पेट में रक्तस्राव का संकेत हो सकता है, जो गंभीर स्थितियों जैसे कि अल्सरेटिव कोलाइटिस, क्रोहन रोग या बवासीर का संकेत हो सकता है.

पेट में तेज दर्द या ऐंठन - तेज पेट दर्द गंभीर स्थितियों जैसे कि आंतों में रुकावट या एपनडिसाइटिस का संकेत हो सकता है.

वजन कम होना - बिना किसी प्रयास के वजन कम होना गंभीर स्थितियों जैसे कि कैंसर, थायरॉयड रोग या मधुमेह का संकेत हो सकता है.

भूख न लगना या लगातार थकान - भूख न लगना या लगातार थकान गंभीर स्थितियों जैसे कि एनीमिया, अवसाद या संक्रमण का संकेत हो सकता है.

डॉक्टर रोगी के चिकित्सा इतिहास, लक्षणों, जीवनशैली और शारीरिक परीक्षण के आधार पर निदान करते हैंं, मल परीक्षण, रक्त परीक्षण, इमेजिंग परीक्षण, दवाएं या सर्जरी सहित विभिन्न उपाय निदान में सहायक हो सकते हैं.

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FAQ Section कब्ज क्यों होती है

प्रश्न - कब्ज के लिए सबसे अच्छी दवा कौन सी है
उत्तर - कब्ज के इलाज के लिए कई दवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन डॉक्टर कब्ज के कारण का पता लगाने के बाद ही कोई दवा लिख सकते हैं.

प्रश्न - कब्ज होने पर क्या नहीं खाना चाहिए
उत्तर - कब्ज होने और कब्ज से राहत पाने के लिए तेल और मसालेदार भोजन से परहेज करना चाहिए, इसके अलावा, धूम्रपान और शराब के सेवन से भी बचना चाहिए, रात का भोजन हल्का और समय पर करना चाहिए.

प्रश्न - कब्ज होने पर दूध पीना चाहिए या नहीं
उत्तर - कुछ लोगों को दूध पीने से कब्ज की समस्या हो सकती है, यदि आपको दूध पीने से कोई परेशानी नहीं होती है तो आप इसका सेवन कर सकते हैं, लेकिन यदि दूध पीने से आपको कब्ज या गैस की समस्या होती है तो इसका सेवन कम करें या बंद कर दें.

निष्कर्ष: Kabj kyo hoti hai

कब्ज के लिए यदि Lifestyle में बदलाव पर्याप्त नहीं है तो आपका डॉक्टर दवा लिख ​​सकता है, इनमें मल त्याग को बढ़ावा देने वाले पदार्थ (जैसे कि सेनाडे) या मल को नरम करने वाले पदार्थ (जैसे कि मिरालाक्स) शामिल हो सकते हैं.

इस हिंदी लेख में आपने जाना कि कब्ज क्या होता है, कब्ज के लक्षण, कब्ज होने के कारण क्या होते हैं, कब्ज के कारण होने वाली समस्याएं, कब्ज का परमानेंट घरेलू इलाज/उपचार आदि.

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1 टिप्पणियाँ
  1. शैलेष द्विवेदी5:10 pm

    आपने हेल्थ पर जो जो जानकारियां दी है बहुत उपयोगी हैं, धन्यवाद

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