गुर्दे की पथरी कैसे होती है? बचाव एवं घरेलू उपाय

Sandeep
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पथरी, जिन्हें किडनी स्टोन या गुर्दे की पथरी भी कहा जाता है, मूत्र में मौजूद खनिजों और लवणों के कठोर जमाव होते हैं। ये क्रिस्टल से बनते हैं जो समय के साथ आपस में जुड़कर बड़े हो जाते हैं।

पथरी आकार में रेत के दाने से लेकर गोल्फ की गेंद तक हो सकते हैं, जब वे मूत्र मार्ग से गुजरते हैं तो वे तेज दर्द और अन्य लक्षण पैदा कर सकते हैं. इस लेख में हम विस्तार से जानने वाले हैं -

           • गुर्दे की पथरी कैसे होती है?
           • गुर्दे की पथरी के लक्षण क्या हैं
           • गुर्दे की पथरी के कारण क्या हैं
           • पथरी से बचाव और घरेलू उपाय

गुर्दे की पथरी कैसे होती है?

पथरी, मूत्र में मौजूद खनिजों और लवणों के कठोर जमाव होते हैं, ये क्रिस्टल से बनते हैं जो समय के साथ आपस में जुड़कर बड़े हो जाते हैं.

गुर्दे की पथरी कैसे होती है

यह प्रक्रिया तब शुरू होती है जब मूत्र में खनिजों और लवणों की मात्रा अधिक हो जाती है, जैसे कैल्शियम, ऑक्सालेट, यूरिक एसिड, या सोडियम, यह पर्याप्त तरल पदार्थ न पीने, कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन, चिकित्सीय स्थितियां, मोटापा, या पारिवारिक इतिहास सहित कई कारकों के कारण हो सकता है.

मूत्र में क्रिस्टल बनने के बाद, वे धीरे-धीरे बढ़ते रहते हैं क्योंकि नए क्रिस्टल उनसे जुड़ते जाते हैं, यदि वे बढ़ते रहते हैं और एक दूसरे से चिपकते रहते हैं, तो वे पथरी बना सकते हैं, पथरी किडनी में कहीं भी बन सकती है, लेकिन वे आमतौर पर मूत्रनली में बनते हैं.

जब तक पथरी छोटी होती है और मूत्रनली से गुजरती है, तब तक आपको कोई लक्षण नहीं हो सकते हैं, लेकिन जब वे बड़े हो जाते हैं या मूत्रनली को अवरुद्ध करते हैं तो वे गंभीर दर्द, मतली, उल्टी और पेशाब करने में कठिनाई पैदा कर सकते हैं.

गुर्दे की पथरी के प्रकार क्या है?

गुर्दे में बनने वाले पथरी, जिन्हें नेफ्रोलिथ के नाम से भी जाना जाता है, मुख्य रूप से चार प्रकार के होते हैं.

कैल्शियम ऑक्सालेट पथरी - यह सबसे आम प्रकार की पथरी है, जो 80% मामलों में होती है, यह कैल्शियम और ऑक्सालेट के क्रिस्टल से बनती है, ऑक्सालेट कई खाद्य पदार्थों में पाया जाता है, जैसे कि हरी पत्तेदार सब्जियां, चॉकलेट, नट्स और बीज.

यूरिक एसिड पथरी - यह दूसरी सबसे आम प्रकार की पथरी है, जो 10% मामलों में होती है, यह यूरिक एसिड के क्रिस्टल से बनती है, जो एक अपशिष्ट उत्पाद है जो शरीर से मूत्र के माध्यम से बाहर निकलता है, यूरिक एसिड पथरी उन लोगों में अधिक आम होती है जिनका वजन अधिक होता है.

स्ट्रुवाइट पथरी - यह प्रकार की पथरी मूत्र संक्रमण से जुड़ी होती है, यह मैग्नीशियम, अमोनियम और फॉस्फेट के क्रिस्टल से बनती है, स्ट्रुवाइट पथरी महिलाओं में पुरुषों की तुलना में अधिक आम होती है.

सिस्टीन पथरी - यह सबसे कम आम प्रकार की पथरी है, जो 10% मामलों में होती है, यह सिस्टीन के क्रिस्टल से बनती है, जो एक प्रकार का अमीनो एसिड है, सिस्टीन पथरी उन लोगों में अधिक आम होती है जिनमें सिस्टिनुरिया नामक एक आनुवंशिक समस्या होती है.

किडनी स्टोन के लक्षण क्या है?

पेट, कमर या बाजू में तेज दर्द जो कि लहरों में आ सकता है और बहुत तीव्र हो सकता है.

पेशाब करते समय जलन या दर्द.

पेशाब में रक्त.

बार-बार पेशाब करने की इच्छा.

मतली और उल्टी.

पेशाब करने में कठिनाई या रुकावट.


किडनी स्टोन के कारण क्या है?

पथरी बनने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से कुछ मुख्य कारण हैं.

कम पानी पीना - यह पथरी का सबसे आम कारण है, जब आप पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं तो आपके मूत्र में अधिक खनिज और लवण घुल जाते हैं, जिससे पथरी बन सकती है.

आहार - कुछ खाद्य पदार्थ, जैसे कि मांस, नमक से भरपूर खाद्य पदार्थ (जैसे कि पालक, चुकंदर, और नट्स), पथरी के खतरे को बढ़ा सकते हैं.

चिकित्सीय स्थितियां - कुछ चिकित्सीय स्थितियां, जैसे कि मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, और गाउट, पथरी के खतरे को बढ़ा सकती हैं.

दवाएं - कुछ दवाएं, जैसे कि पानी की कमी पैदा करने वाली दवाएं और कुछ एंटासिड, पथरी के खतरे को बढ़ा सकती हैं.

आनुवंशिकी - यदि आपके परिवार में पथरी का इतिहास है तो आपको पथरी होने का खतरा अधिक होता है.

मूत्रमार्ग में संक्रमण - बार-बार होने वाले मूत्रमार्ग में संक्रमण (यूटीआई) पथरी के खतरे को बढ़ा सकते हैं.

मूत्रमार्ग में रुकावट - मूत्रमार्ग में रुकावट, जैसे कि एक बड़ा पथरी या ट्यूमर, मूत्र के प्रवाह को रोक सकता है और पथरी बनने का कारण बन सकता है.

गैस्ट्रिक बाईपास सर्जरी - गैस्ट्रिक बाईपास सर्जरी के बाद, आपके शरीर द्वारा अवशोषित कैल्शियम की मात्रा में वृद्धि हो सकती है, जिससे पथरी बनने का खतरा बढ़ जाता है.

50 वर्ष से अधिक आयु का होना - पथरी 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में अधिक आम है.

गर्मी में रहना - गर्म जलवायु वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में पथरी होने की संभावना अधिक होती है.

पथरी का निदान

• डॉक्टर से परामर्श

• शारीरिक परीक्षा

• मूत्र परीक्षण

• इमेजिंग टेस्ट: X-ray, CT scan, ultrasound


गुर्दे की पथरी का इलाज क्या है?

छोटी पथरी - कई बार, खूब मात्रा में पानी पीने से या घरेलू उपायों को अपनाने से छोटी पथरी स्वयं ही बाहर निकल सकती हैं.


बड़ी पथरी - बड़ी पथरी का इलाज घरेलू उपायों, दवाओं, ध्वनि तरंग चिकित्सा (ESWT) या शल्य चिकित्सा द्वारा किया जा सकता हैै.

गुर्दे की पथरी के घरेलू इलाज क्या है?

गुर्दे की पथरी को रोकने और ठीक करने के लिए आप इन घरेलू उपचारों को अपना सकते हैं, ध्यान रखें कि इन उपचारों की प्रभावशीलता पथरी के प्रकार और गंभीरता पर निर्भर करती है.

गुर्दे की पथरी खनिजों के संचय के कारण होने वाली एक दर्दनाक स्थिति है, पथरी होने पर डॉक्टरी सलाह और इलाज जरूरी है लेकिन कुछ घरेलू उपाय भी राहत दिला सकते हैं और उनकी पुनरावृत्ति को रोकने में मददगार हो सकते हैं - 

पानी - पर्याप्त मात्रा में पानी पीना (कम से कम 8-10 गिलास प्रतिदिन) मूत्र को पतला करता है, खनिजों को जमा होने से रोकता है और पथरी बनने की संभावना को कम करता है, पानी पथरी को मूत्रमार्ग से बाहर निकालने में भी मदद करता है.

नींबू पानी - नींबू पानी में मौजूद साइट्रिक एसिड मूत्र में pH स्तर को कम करता है, जिससे कैल्शियम ऑक्सालेट पत्थरों के निर्माण को रोकने में मदद मिलती है, साइट्रिक एसिड पथरी को तोड़ने में भी मदद कर सकता है.

खीरा - खीरा पानी और पोटेशियम का एक उत्कृष्ट स्रोत है, जो मूत्र में सोडियम के स्तर को कम करता है, जिससे कैल्शियम ऑक्सालेट पत्थरों के निर्माण को रोकने में मदद मिलती है, पानी पथरी को मूत्रमार्ग से बाहर निकालने में भी मदद करता हैै.

बार्ली - बार्ली (जौ) में फाइबर होता है जो मूत्र में कैल्शियम के बंधन को रोकता है, जिससे कैल्शियम ऑक्सालेट पत्थरों के निर्माण को रोकने में मदद मिलती है, पानी पथरी को मूत्रमार्ग से बाहर निकालने में भी मदद करता है.

धनिया - धनिया के बीजों में मौजूद यौगिक मूत्र में खनिज क्रिस्टल के टूटने को बढ़ावा देते हैं, जिससे कैल्शियम ऑक्सालेट पत्थरों के निर्माण को रोकने में मदद मिलती है, पानी पथरी को मूत्रमार्ग से बाहर निकालने में भी मदद करता हैै.

जैतून का तेल - जैतून का तेल में मौजूद यौगिक कैल्शियम ऑक्सालेट क्रिस्टल के निर्माण को रोकने में मदद करते हैं, जैतून का तेल मूत्रमार्ग को लुब्रिकेट करता है और पथरी को आसानी से गुजरने में मदद करता है.

सेब का सिरका - सेब का सिरका मूत्र में pH स्तर को कम करता है, जिससे कैल्शियम ऑक्सालेट पत्थरों के निर्माण को रोकने में मदद मिलती है, साइट्रिक एसिड पथरी को तोड़ने में भी मदद कर सकता है.

अदरक - अदरक में मौजूद यौगिक मूत्र में खनिजों के जमाव को रोकने में मदद करते हैं, पानी पथरी को मूत्रमार्ग से बाहर निकालने में भी मदद करता हैै.

तरबूज - तरबूज पानी और पोटेशियम का एक अच्छा स्रोत है,  जो मूत्र में सोडियम के स्तर को कम करता है, जिससे कैल्शियम ऑक्सालेट पत्थरों के निर्माण को रोकने में मदद मिलती है, पानी पथरी को मूत्रमार्ग से बाहर निकालने में भी मदद करता हैै.

करेला - करेला में विटामिन सी और पोटेशियम होते हैं। विटामिन सी मूत्र को अधिक अम्लीय बनाकर गुर्दे की पथरी को रोकने में मदद कर सकता है। पोटेशियम रक्तचाप को कम करने में मदद करता है, जो गुर्दे पर दबाव को कम कर सकता है और पथरी के बनने के जोखिम को भी कम कर सकता है.

कुलथी दाल - कुलथी दाल में मैग्नीशियम और पोटैशियम अच्छी मात्रा में होता है,  मैग्नीशियम मूत्र में कैल्शियम के साथ जुड़ने और उसे घुलनशील बनाने में मदद करता है, जिससे पथरी बनने की संभावना कम हो जाती है, पोटेशियम मूत्र में सोडियम के स्तर को कम करके मूत्र को पतला करता है, जिससे छोटी पथरी भी आसानी से बाहर निकल जाती है. 

पथरीचट्टा - यह अपने एंटीऑक्सीडेंट और एंजाइमों से किडनी स्टोन को तोड़कर छोटा बनाता है, जिससे उन्हें पेशाब के रास्ते से बाहर निकालना आसान हो जाता है, यह मूत्र को क्षारीय बनाकर किडनी स्टोन के निर्माण को रोकता है, साथ ही सूजन कम करके दर्द और परेशानी से राहत देता है.

किडनी स्टोन में क्या परहेज करें?

किडनी स्टोन से बचाव के लिए, आपको कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना चाहिए, जिनमें फॉस्फोरस, ऑक्सालेट और सोडियम अधिक होता है, इनमें शामिल हैं: मांस, मछली, अंडे, डेयरी उत्पाद, नट्स, बीज, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, सोडा, स्पोर्ट्स ड्रिंक, और एनर्जी ड्रिंक.

इसके साथ ही, कम ऑक्सालेट वाले फल और सब्जियां खाएं, जैसे कि खीरा, खरबूजा, सेब, नाशपाती, केला, स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, क्रैनबेरी, गोभी, ब्रोकोली, गाजर, शलजम, हरी बीन्स, और मशरूम.

पथरी से बचाव के लिए कुछ अन्य सुझाव

पथरी से बचाव के लिए तनाव कम करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह मूत्र में कैल्शियम के स्तर को बढ़ाकर किडनी स्टोन के खतरे को बढ़ा सकता है, योग, ध्यान और गहरी सांस लेने जैसी गतिविधियां तनाव को कम करने में मदद करती हैं,.


नियमित व्यायाम भी वजन कम करने और किडनी स्टोन के खतरे को कम करने में सहायक होता है, इसके साथ ही पानी भरपूर मात्रा में पीना, स्वस्थ आहार लेना, धूम्रपान और शराब से बचना भी महत्वपूर्ण है.

गुर्दे की पथरी से होने वाले नुकसान

पथरी, यदि अनुपचारित छोड़ दिया जाए तो गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती हैं, जिनमें मूत्र पथ संक्रमण (UTI), गुर्दे की क्षति और यहां तक ​​कि गुर्दे की विफलता भी शामिल है, इनके अलावा पथरी में तीव्र दर्द, मतली, उल्टी और पेशाब करने में परेशानी जैसे लक्षण भी हो सकते हैं.


पथरी शरीर में कहां कहाँ बन सकती है?

पथरी विभिन्न खनिजों और लवणों (जैसे कैल्शियम ऑक्सालेट, यूरिक एसिड, फॉस्फेट, और मैग्नीशियम) के जमाव से बनती हैं, यह मूत्र मार्ग (किडनी, मूत्रवाहिनी, मूत्राशय) में सबसे अधिक बनती हैं और पित्ताशय (पित्त पथरी) और इसके अलावा अन्य स्थानों में भी बन सकती है.


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FAQ section: Pathri kaise hoti hai

प्रश्न - पथरी का दर्द कब होता है?
उत्तर - आमतौर पर पथरी का दर्द तब होता है, जब पथरी यूरिनरी ट्रैक्ट में चली जाती है, जिसके कारण यूरीन पास करने में परेशानी होती है और किडनी पर प्रेशर पड़ने लगता है.

प्रश्न - पथरी तोड़ने की दवा
उत्तर - कुछ दवाएं हैं जो छोटी पथरी को तोड़ने में मदद कर सकती हैं, लेकिन डॉक्टर के पर्चे के बिना इनका उपयोग नहीं किया जाना चाहिए. 

प्रश्न - कैसे पता करें कि पेट में पथरी है?
उत्तर - पेट में दर्द, गुर्दे की पथरी सहित कई स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है, अगर आपको इस लेख में बताए गए लक्षण नजर आएं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है. डॉक्टर अल्ट्रासोनोग्राफी, एक्स-रे या इंट्रावेनस पाइलोग्राफी (IVP) जैसे इमेजिंग टेस्ट का उपयोग करके पथरी का पता लगा सकते हैं.

निष्कर्ष: पथरी कैसे होती है हिंदी में

उचित उपचार और रोकथाम के उपायों के साथ आप किडनी स्टोन से बच सकते हैं और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं, इसके लिए आप अपनी जीवनशैली में बदलाव करें और यदि आपको किडनी स्टोन का खतरा ज्यादा है तो डॉक्टर से सलाह लें.

इस हिन्दी लेख में आपने जाना कि गुर्दे की पथरी कैसे बनती है, kidney Stone कितने प्रकार के होते हैं, पथरी के घरेलू उपाय, पथरी होने पर हमें क्या परहेज करना चाहिए और इसके नुकसान क्या हैं आदि.

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